चलो..... चलो..... चलो.... 27 जून 2017 को कानपुर के सती चौराहा घाट चलो

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश, रिपोर्टर, 22 जून 2017।
27जून सती चौरा घाट कानपुर चलें
साथियों!! इतिहास में कभी एक ऐसा दिन भी आया था जिसकी चर्चा ने पूरा देश को हिलाकर रख दिया था। घटना की तारीख थी 27 जून सन् 1857।  आजादी की बेड़ियो से मुक्त करने में सबसे ज्यादा कुर्बानी निषाद समाज के लोगों ने दी थी। सन् 1857 की क्रांति मे कई हजारो की संख्या में अंग्रेजी सैनिकों को समाधान व लोचन निषाद समेत कई नाविको ने नदी मे डुबो डुबो कर मारा था।  जिसकी वजह से अंग्रेजी हुकुमत ने उन्हें सती चौरा घाट पर एक विशाल बरगद के पेड़ से समाधान व लोचन निषाद समेत 167 नाविको को कच्ची फांसी दे दी थी। इस घटना ने पूरे देश के लोगों में हाहाकार मचा दिया था। किन्तु दुर्भाग्य की बात है कि, इतिहास के पन्नो से हमारे समाज के योद्धाओ का नाम हटा दिया गया। अभी हाल ही में निषाद एकता परिषद के माध्यम से समाज के इतिहास को तीव्र गति से लोगों के अंदर जागरूकता लाये जाने के डर से सपा, भाजपा ने मिल कर उस ऐतिहासिक बरगद के पेड़ को पिछले साल काट दिया। उससे भी बड़ी दुर्भाग्य की बात यह है कि, हमारे समाज के नेताओ ने एक जुबान तक नहीं खोली।
जय निषाद राज।।
महामना मा डॉ संजय कुमार निषाद जिंदाबाद जिंदाबाद ।।
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद जिंदाबाद ।।
निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल जिंदाबाद ।।
जय निषाद राज ।।
इंजी.सरवन निषाद
प्रदेश भारी