2017 में डॉ संजय कुमार निषाद ने व्यवस्था परिवर्तन के लिए लड़ा था विधानसभा चुनाव

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर द्वारा रविंद्रमाणि निषाद का लेख, 21 जुलाई 2017
      कुछ लोग छाती पीट पीट कर चिल्ला रहे थे कि डा.  साहब यहां क्यों चुनाव लड़ाए वहां क्यों लड़ाए... लेकिन इन दिमागी रुप से बीमारों को नही पता कि डा. साहब इन पार्टियों के खिलाफ व्यवस्था परिवर्तन के लिए लडा रहे थे चुनाव..
      ऐसे ही नही दलितों ने मायावती को देवी का दर्जा दे रखा है समय आने पर अपने समाज की आवाज उठाने के लिए खड़ी हुई रोका गया तो उसने उसी पल विना देर किये इस्तिफा दे दिया.
        क्या जिनके हारने पर महामना को लोग दोषी ठहराने लगे उन लोगों ने अपने समाज के लिए कभी कोई ऐसा साहसिक कदम उठाया था ?
        बताने का कष्ट करें नही तो महामना का साथ दें अगर साथ नही दे सकते तो कम से कम अधिकार वंचित समाज को अधिकार दिलाने का बीड़ा उठाने वाले महामना मा. डा. संजय कुमार निषाद जी के रास्ते में अवरोध न पैदा करें नही को जिस दिन इस समाज को सच्चाई पता चलेगी पता नही क्या होगा उस दिन
  जब होना होता है महाभारत,
                     तो भाई-भाई को बांट दिया जाता है!
  जब होती है प्रगति किसी वीर एकलव्य की,
              को उसका भी अंगूठा काट लिया जाता है!!
जय निषाद राज!!
महामना मा. डा. संजय कुमार निषाद-जिन्दाबाद!!
निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल-जिन्दाबाद!!

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