*भारत का नया गीत*

एकलव्य मानव संदेश, 1 जुलाई 2017।

*भारत का नया गीत*

*आओ बच्चों तुम्हे दिखायें,
शैतानी शैतान की... ।*
*नेताओं से बहुत दुखी है,
जनता हिन्दुस्तान की...।।*

*बड़े-बड़े नेता शामिल हैं,
घोटालों की थाली में ।*
*सूटकेश भर के चलते हैं,
अपने यहाँ दलाली में ।।*

*देश-धर्म की नहीं है चिंता,
चिन्ता निज सन्तान की ।*
*नेताओं से बहुत दुखी है,
जनता हिन्दुस्तान की...।।*

*चोर-लुटेरे भी अब देखो,
सांसद और विधायक हैं।*
*सुरा-सुन्दरी के प्रेमी ये,
सचमुच के खलनायक हैं ।।*

*भिखमंगों में गिनती कर दी,
भारत देश महान की ।*
*नेताओं से बहुत दुखी है,
जनता हिन्दुस्तान की...।।*

*जनता के आवंटित धन को,
आधा मंत्री खाते हैं ।*
*बाकी में अफसर ठेकेदार,
मिलकर मौज उड़ाते हैं ।।*

*लूट खसोट मचा रखी है,
सरकारी अनुदान की ।*
*नेताओं से बहुत दुखी है,
जनता हिन्दुस्तान की...।।*

*थर्ड क्लास अफसर बन जाता,
फर्स्ट क्लास चपरासी है,
*होशियार बच्चों के मन में,
छायी आज उदासी है।।*

*गंवार सारे मंत्री बन गये,
मेधावी आज खलासी है।*
*आओ बच्चों तुम्हें दिखायें,
शैतानी शैतान की...।।*

*नेताओं से बहुत दुखी है,
जनता हिन्दुस्तान की...।*
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इंजी. मनोज कुमार निषाद
मथुरा द्वारा साभार भेजी गई