विदेशी समान का वहिष्कार करने बाले जरा ध्यान दें ?

आगरा, एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो चीफ द्वारा पूर्व एक्साइज इंस्पेक्टर पूजाराम जी विचार, 11 जुलाई 2017। हमारे देश मे शोषणवादी व्यवस्था है। हमारे देश का व्यापारी वर्ग माल कामने की नीयत से व्यापार करता है। हमारे देश की धर्म सत्ता, अपार धन संपदा को इकट्ठा करके या तो मठ मंदिरो में बंद रखती है या विदेश ले जाती है। वैसे ही बड़े नेता या अफसर देशवासियो का शोषण करते हैं और ब्लैक मनी बनाकर विदेश भाग जाते हैं।
हमारे देश की राजसत्ता, धर्मसत्ता, व्यापारी और प्रसाशन, देशवासी का शोषण करने के आदि बने हुये हैं। किसी को भी देशवासियो के लिए प्यार नही है तो हमारे देश का विकास कैसे होगा।
हमारे देश का हर आदमी ऊंच है या नीच है।
पूरा सिस्टम, देश का कौना कौना लिखित अधार्मिक ऊंच नीच की गन्दगी से प्रभावित है।
यही कारण है कि प्राकृतिक संपदा का अपार भंडार होने पर भी हमारा देश में वैज्ञानिक तकनीक का विकास नही हुआ। जापान, चीन या अमेरिका की तरह हमारा देश व्यवसाईकरण नही कर पाया। और उस कीमत में जरूरत का सामान नही बना पाया, जिस कीमत पर जापान, चीन या अमेरिका बनाते हैं।
यही कारण है कि हमारा देश हथियार, तकनीक व आम जरूरत के समान के लिए विदेशी समान पर निर्भर रहता है।
जिस दिन आप विदेशी समान बन्द कर देंगे उसी दिन देश के आम आदमी खासकर मूलवासी के यहां न लाइट जलेगी न पंखा चलेगा, न होली मानेगी और न दीवाली मानेगी।
अगर देश का भला करना है तो सबसे पहले शास्त्रों में लिखित नीचता, शोषण, अत्याचार के वर्ताव की गन्दगी को मिटाओ।
जब तक देशवासी अपने देश और देशवासी से प्यार नही करेगा, अपना नही समझेगा, एक दूसरे के मान सम्मान को नही समझेगा, देश विकसित नही होगा।
पहले गैर बराबरी करने वालों, शोषणकारियों, विदेशों में धन जमा करने वालों का वहिष्कार कीजिए। देश का विकास आसान हो जायेगा।

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