जल विभाग से परेशान आदर्श गांव के ग्रामीण

बरेली /फतेहगंज पश्चिमी, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर राज कुमार कश्यप की रिपोर्ट। बरेली के सांसद   व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के गोद लेने के बाद से आदर्श गांव रहपुरा जागीर में कई बार अधिकारियों ने  गांव में  दौड़ाकर जनसंपर्क किया। उसके बाद भी गांव में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । आदर्श गांव रहपुरा जागीर में जल विभाग की  नई टंकी लगी है जिसे लेकर गांव रहपुरा में पानी की पाइप लाइन बिछाई जा रही है। पूरे गांव में पाइप लाइन बिछाने के लिए खड़ंजे के बीच में खुदाई कर उसमें   पाइप लाइन डाली गई है। गड्डों में मिट्टी संभलकर नहीं भरी गई है, जिससे गांव वाले परेशान हैं। वह अपने बच्चों को घर से निकलने को मना करते हैं। उन्हें डर लगता है कहीं बीच में नाली में बच्चे गिर न जाये और कोई बड़ा हादसा न हो जाये। इसका सबसे बड़ा डर है लोग जानवर निकालते हैं तो उनका पैर उस में चला जाए तो पूरा उसी में बैठ जाते हैं। बाइक बाले भी कई बार नाली में फस चुके है।
बतादें, मीरगंज विधायक डॉ डीसी वर्मा के त्रिलोकचंद डिग्री कॉलेज तक रहपुरा जागीर से पानी की पाइप लाइन बिछाई गई है। इसमें सड़क से कहीं कहीं 1 फुट दूरी पर ही खुदाई कर उसमें पाइपलाइन डाल दी और ऊपर से मिट्टी डाल दी। अब बारिश होने से सारी मिट्टी अंदर घुस गई और लाइन बाली जगह खाई जैसी बन गई और कई जगह तो खाली पड़ी हुई है। अब वहां सड़क से गुजरने वालों को डर लगता है कहीं सड़क से नीचे भी उतर गए तो उसमें फंस जाएंगे। कई गांव के बच्चे इसी रोड से फ़तेहगंज स्कूलों में पड़ने आते हैं। वे अपनी साइकिल लेकर गिर चुके हैं। कल एक पब्लिक स्कूल की बस बच्चे छोड़ने के लिए मीरापुर जा रही थी,  सामने से तांगा आया उसे बचाने के चक्कर में ड्राइवर ने गाड़ी थोड़ी सी नीचे उतारी तो बस वही बैठ गई। सड़क की चौड़ाई कम है, दो वाहन एक साथ सड़क से नही निकल सकते। जल विभाग की लापरवाही से राहगीरों को चलने में भी खशी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल विभाग की लापरवाही से गांव वासियों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन जल विभाग लापरवाह बना हुआ है। गांव के प्रधान  छेदा लाल  राजपूत ने बताया कि जब से इस गांव को  सांसद जी ने गोद लिया है। तब से लेकर आज तक  कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। नेता और  अधिकारी  गांव में रहने वाले भोले भाले  गांव वालों को मीठी  मीठी बातो से समझा कर चले जाते हैं। पिछले ढाई साल से आज तक कोई विकास कार्य नहीं कराया गया है।