निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के प्रचार प्रसार में एकलव्य मानव संदेश बना प्रमुख अंग

अलीगढ़, 15 जुलाई 2017। निर्बल को बलवान कोई भगवान नहीं बना सकता है। भगवान का सहारा ही निर्बलों को और कमजोर करने के लिए लिया जाता है।
अगर भगवान नाम की कोई शक्ति होती तो वो सभी को एक समान बनाती, ऊंच नीच का भेद नहीं होने देती।
निर्बल को बल केवल राजनीति से दिया जा सकता है।
आज बीजेपी, सपा, बसपा, कांग्रेस के पालतू तीतरों से सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि जब से राजनीति में डॉ संजय कुमार निषाद जी का उदय हुआ है, तीतरों के भाव भी अब बड़ गए हैं, और कुछ के बढ़ने वाले हैं।
इसलिय जो चाहते हैं कि समाज को तीतरों से बचाया जाए। क्योंकि की तीतरों के पास एक आसान रास्ता समाज को एकजुट होने से रोकने का है, अपनी अपनी जाती और उप जाती के नाम के संगठन बनाकर जुड़ते समाज को अपने पाले में लगाए रखकर अपना भला करना।
अब राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद काफी हद तक निषाद वंशिय(धींवर, कहार, केवट, मल्लाह, तुरैहा, बाथम, रायकवार, मंझवार, बेलदार, कोल, बिंद, चाई, धुरिया, गोंड, गोंडिया, माझी, सहानी, मेहरा, भोई, कोली, मछुआरा,कीर, लोधी, आदि) को ये समझाने में सफल रही है कि आप का वन्स राजा का है। आपका वन्स ही भारत का असली मालिक है। निषाद भारत का प्राचीन नाम है, जो आर्यों के आगमन से पहले ही प्रचलित था। निषाद कोई जाती नहीं है, वल्कि इस देश की प्राचीन संस्कृति है(देखे प्रोफेसर श्रीकांत पाठक की किताब, वैदिक एवं ब्रह्ममणी धर्म, जो MA के द्वतीय वर्ष के पाठ्यक्रम में अवध विश्विद्यालय में पढ़ाई जाती है। और सुप्रीम कोर्ट का निर्णय कि एकलव्य के वंसज ही इस देश के असली मालिक हैं, वाकी सभी आर्य और आव्रजकों की संतान हैं। उत्तर प्रदेश की सरकार की मुहर, दो मछली और तीर कमान के साथ गंगा जमुना और जल, जो निषाद राज नल की मुहर है। इलाहाबाद के पास निषाद राज गुह्यराज जी का श्रृंगवेरपुर का किला। सबरी निषाद, झांसी के पास एरच में प्रहलाद नगरी के रुप मे महान राजा हिरण्यकश्यप का टूटा हुआ विशाल किला। अलीगढ़ का पुराना नाम कोल है, जो 1854 में अलीगढ़ जिला बना, जो महाभारत काल में महान शासक, निषाद राज कोल का राज्य था। दनकौर जो नोयडा के पास है, महान धनुर्धर और द्वारिकाधीश वीर एकलव्य जी ने द्रोणाचर्य को अंगूठा दान किया था। बंगाल की कात्यानी काली मंदिर का निर्माण कराने वाली महान रानी रासमणि। गुरू गोरखनाथ के गुुरु ऑगड बाबा मछेन्द्र नाथ, आदि की जानकारी। महान स्वतंत्रता सेनानी जुब्बा सहानी, रानी अवंति बाई, सत्तीचौरा घाट के वीर शहीद समाधान और लोचन निषाद आदि से सुशोभित, ऐसे वन्स के लोगों को बिभिन्न जातियो में टूटने के कारण याद दिलाने के बाद उनको एक सूत्र में बांधकर, राजनीति का प्लेटफार्म तैयार करके पहली ही बार मे उत्तर प्रदेश के 2017 के चुनाव में एक विधायक और 6 लाख के लगभग वोट निषाद पार्टी को दिलाना महान और कुशल नेतृत्व को दर्शाता है।
राजनीति में 5 हथियारों की जरूरत होती है-
1. एक नेता.डॉ संजय कुमार निषाद
2.,एक संगठन-निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
3.एक झंडा-महरूम रंग का
4.एक नारा-जय निषाद राज
5.चुनाव चिन्ह-भोजन से भरी थाली
अब युवा और पड़े लिखे लोंगो को अपनी जिम्मेदारी निभाने का समय है। आज पार्टी के लिए मेहनत किजीये, कल पार्टी आपके लिए कार्य करेगी।
एकलव्य मानव संदेश हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र के साथ साथ अब ऑनलाइन भी ऐप और वेव साइट के माध्यम से दिन रात पार्टी के प्रचार में लगा हुआ है
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जसवन्त सिंह निषाद
संपादक, प्रकाशक
एकलव्य मानव संदेश
कुआरसी, रामघाट रोड, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश, 202002

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