उनकी हत्या ने मुझे पागल बना रखा है, उनके हत्यारे के लिए कफन सिला रखा है-डॉ संजय कुमार निषाद

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर, 25 जुलाई 2017। आज निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल एवं राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के बैनर तले सभी जिलो में वीरागंना विश्व विख्यात सबसे चर्चित महिला वीरांगना सांसद  बहन फूलन देवी जी का 16 वाँ शहाद्त दिवस दस सूत्रिय मांग के साथ जिला मुख्यालयों पर रैली निकालकर धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। जिसमें हजारों की संख्या में पार्टी के सभी स्तरों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सदस्य और समाज के हित चिंतक शामिल होंगे। मुख्य मांग है कि -
1- बहन वीरागंना मा. फूलन निषाद के हत्या की सीबीआई जांच की मांग की है।
2- बहन वीरागंना मा. फूलन निषाद के हत्या की जिम्मेदारी राणा सिंह ने ली थी। इस समय जमानत पर बाहर है। बीजेपी निषादो का ओट लेकर स्वागत-सत्कार करा रही है। जमानत रद्द कर जेल भेज दिया जाय और फांसी की सजा दी जाए।
3-बहन वीरागंना मा. फूलन निषाद के हत्या उपरांत उनकी सभी सम्पत्ति को उनकी बहादुर मां मूला निषाद को सौंप दिया जाए।
4-  बहन वीरागंना मा. फूलन निषाद की जिस जमीन पर विवाद के चलते हथियार उठाना पड़ा। तात्कालिक निर्णय कर उनकी मां और बहनों को दिया जाय।
5- बहन वीरागंना मा. फूलन निषाद के हत्या में शामिल तथाकथित फर्जी उत्तराधिकारियों की जांच कर दण्डित किया जाय।
6-बहन वीरागंना मा. फूलन निषाद के द्वारा सदन में आवाज उठाने के उपरांत उ.प्र सरकार के समाज कल्याण  अनुभाग - 3 के शासनादेश दिनांक 21.12.2016 एवं 22.12.2016 के अनुसार मछुआरों की सभी पर्यायवाची जातियों को अनुसूचित जाति की सुविधा एवं प्रमाणपत्र दिया जाय।
7-उ.प्र सरकार के कार्मिक अनुभाग के शासनादेश दिनांक 31.12.2016 एवं 12.01.2017 के अनुसार मछुआरों की सभी पर्यायवाची जातियों को पिछड़ी जाति की सूची से निकाल दिया है और अनुसूचित जाति की सुविधा एवं प्रमाणपत्र देने का आदेश है दिया जाय।
8- मछुआरों के पुश्तैनी जीविकोपार्जन के संस्साधन पूर्ववत वहाल किये जायें।
9- मछुआरों को अनुसूचित जाति आयोग के अनुसार संवैधानिक संरक्षण दिया जाय।
10- मछुआरों के विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी जी ने उपरोक्त सुविधाओं की वकालत सदन में करते रहे हैं। तत्काल प्रभाव से लागू करें।
कभी अपने एक वक्तव्य में बहन वीरागंना मा. फूलन निषाद ने कहा था कि कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो सामने से वार कर दे..  और हुआ भी यही जिस दिन फूलन देवी जी बंगले पर रुकने वाले फूलन जी को बहन मानने वाले धूर्त मक्कार, महिलाओं की जाति के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाले उस कायर गीदड़ राणा सिंह ने पीठ पीछे बार करके उनकी जघन्य हत्या कर दी थी...  उसी दिन का वाक्या ऐसा था कि बहन फूलन देवी जी उसे छोटा भाई मानते हुये अपने हाथ से भोजन बनाकर खिलाया था... लेकिन ऐसे कई कायर गीदड़ राणा सिंह अपने देश में मौजूद है जो बहन बेटियों की इज्जत-आबरू को लूटना घिनौना काम करना उनका पेशा है..  ऐसे कायर गीदड़ ने जन्‍म तो एक माँ की कोख से ही लिया होगा जिसने पूरी नारी जाति का अपमान कर दिया...  जिन्दगी भर इतने भयावह, उत्पीड़न, मानवता को शर्मसार करने वाले अपमान भी सहकर बहन फूलन निषाद जी ने कभी हिम्मत नहीं हारी और आज देश की किसी भी नारी जाति पर अन्याय होता है तो वो फूलन निषाद जी जैसी वीरांगना को आज भी नहीं भूलती है...  वीरंगना  बहन फूलन निषाद जी इतने अत्याचारों को सहन करने के बाद भी कभी भी अपने नैतिक सुखों को वरीयता नहीं दी थी... गरीबो, मजलुमो, समाज के गन्दे चंद लोगो की बजह से उत्पीड़न की महिलाओं की हमेशा मदद की...  आज वो हम सबके बीच नहीं हैं लेकिन कोई भी इस देश का मानवतावादी विचारधाराओं में जीने वाला हर नागरिक उस नारी जाति की शक्ति के हत्यारे कायर गीदड़ राणा सिंह को कभी माफ नहीं करेगा....  बीहड़ से लेकर संसद तक के सफर में वो ऐसी महिला थी जो सबसे ज्यादा देश की नारी जाति की शक्ति के लिए लोकप्रिय थी...  इसमें कोई दो राय नहीं है कि ये जघन्य हत्या एक राजनैतिक षड्यंत्र के तहत हुई थी...  जिसकी सांसद होने के बावजूद भी कोई सी.बी.आई.  जाँच नहीं हुई...  अगर आज भी सी.बी.आई.  जाँच हो जाये इस मानवता को शर्मसार करने वाले जघन्य हत्याकांड की तो कई नेताओं के चेहरे बे नकाब हो जायेंगे.... 
विश्व विख्यात वीरंगना सांसद महिला फूलन देवी जी को शत् शत् नमन... 
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद एवं निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के तरफ से श्रध्दांजलि अर्पित की जा रही है

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