दुश्मन, कांग्रेस और बीजेपी के दलाल और चमचे कभी भी समाज को जागरूक होने नहीं देंगे

आगरा, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर द्वारा श्री पूजाराम वर्मा(निषाद)-रिटायर्ड इंसपेक्टर सेंट्रल कस्टम एन्ड एक्साइज का फूलन देवी सहादत दिवस पर एक विशेष लेख, 25 जुलाई 2017। वेद पुराणों ग्रंथो में देखो, निषादवंश के राजा महाराजाओं को छल कपट से मारने बाले धोखेबाज़ देवी देवता या भगवान बने वैठे हैं, जिनके नाम का होली दशहरा तीज त्योहार मनाए जाते हैं। वो तो इस लिए मानते है कि उनकी जीत और मूलनिवासियो की हार हुई थी। लेकिन हम क्यों मनाते हैं, आज तक पता ही नहीं पड़ा। हाँ एक मतलव समझ मे आया कि, हमारे लोग दलाली व चापलूसी बड़ी कमाल की करते हैं, उसी के चलते अपनी हार व अपमान को भी, जीतने बालों के साथ मना लेते हैं।
इसी प्रकार फूलन देवी के हत्यारे के स्वागत में टोपा बंधा गया है, उसमें भी हमारे एक -दो दलाल व चापलूस नेताओं का हाथ जरूर होगा।
जब हमारी पूरी सभ्यता को खत्म कर दिया, राजा महाराजाओं को राक्षश, असुर, दैत्य बनाकर अधर्मी पापी होने की गालियां लिख दीं। हमने उसको धर्म मानकर अपना लिया। खुद को नीच कुजात अछूत बंचित स्वीकार कर लिया। अपने पूर्बजों के हत्यारों को देवी देवता व भगवान मान लिया, तो शेर सिंह राणा का क्या बिगाड़ेंगे। देर सवेर उसे अपना नेता भी मन लेंगे।
जब खून की गर्मी ठंडी हो जाये, मांन सम्मान की भूख मार जाए, तो स्वाभिमान की क्रांति नही हुआ करती।
अगर आगे बढ़ना है तो जड़ से शुरुआत करनी होगी। मनु व तुलसी की गंदी किताबों की होली जलाकर।
राजनीति का पांसा आप लोग खेलते रहिये।
जब तक आप लोग बाबा भीमराब अम्बेडकर जी के बताये हुए रास्ते नही अपनाओगे तब तक हजार नहीं, बल्कि दस हजार की संख्या में महा सम्मेलन कर लीजिए, कुछ नही होने वाला।
हमारा समाज जब तक वास्तविकता को जानेगा नहीं तब तक मूर्खता व अन्धविशवास छोड़ेगा नहीं, तब तक इन्हें जागृत करना बहुत ही मुश्किल है। और ये समाज के सबसे बड़े दुश्मन, कांग्रेस और बीजेपी के दलाल और चमचे कभी भी समाज को जागरूक होने नहीं देंगे। क्योंकि समाज के जागरूक होते ही इन दो बेईमान सत्ता के लालची पार्टियों का अंत हो जाएगा। इसे ही बचाने के लिए ये दलाल किसी भी हद तक जाने से नही हिचकिचाते हैं।