सावधान !! रिजर्व केटेगरी के बाद ओपन केटेगरी होती है, जनरल नहीं !

अलीगढ़, एकलव्य मानव सन्देश ब्यूरो 31 जुलई 2017। संवैधानिक शब्दों की गलत व्याख्या से कमजोर को ऊपर उठाने में हो रहा है बड़ा नुकसान। भारतीय संविधान में लिखे India शब्द का अनुवाद मनुवादी लोग  "हिंदुस्तान" करते है। किन्तु संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अंबेडकर ने हमें आगाह किया है, कि India का अर्थ "भारत" होगा, हिंदुस्तान नही। इसलिये हमें अपने देश को हिंदुस्तान नही बल्कि भारत ही बोलना चाहिए।
इसी प्रकार आरक्षण के संदर्भ में मनुवादी लोग एक शब्द प्रयोग करते है, *"जनरल कटेगरी"* जो कि बहुत ही गलत है। इसको हमे *'ओपेन कटेगरी'* शब्द प्रयोग करना चाहिए। यदि 22.5% रिजर्वेशन एस0सी0 और एस0टी0 के लिए है और 27% रिजर्वेशन ओबीसी के लिए है तो बाकी जो 50.50% बचता है, वह ओपेन कटेगरी में आता है, न कि जनरल कास्ट के लिए रिजर्व है। भारतीय संविधान के अनुसार रिजर्वेशन एस0सी0 के लिए है, एस0टी0 के लिए है और ओबीसी के लिए है। जनरल कास्ट के लिए कोई भी रिजर्वेशन नही है। इस रिजर्वेशन के बाद जो 50.50% की वैकेंसी बचती है, वह ओपेन कटेगरी में आती हैं। उसमें एस0सी0 को भी हिस्सा मिल सकता है, एस0टी0 को भी मिल सकता है और ओबीसी को भी मिल सकता है। ये बाते हमें हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। अभी जो उत्तरप्रदेश में आरक्षण का मामला है, उसमें परीक्षा के तीन मेथड लागू थे। पहला प्री परीक्षा, दूसरा मेंन परीक्षा और तीसरा इंटरव्यू होता है। इसमें इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि रिजर्वेशन के बाद जो 50.50% सीटें बचती हैं, तो जो एस0सी0, एस0टी0 और ओबीसी के बच्चे जो रिजर्व केटेगरी की कट ऑफ लिस्ट से ज्यादा नम्बर लाते हैं, उनको ओपेन कटेगरी में रखना चाहिए। ओपेन केटेगरी को जनरल कटेगरी कहकर सवर्णो के लिए रिजर्व नही बनाना चाहिए। ये हमारे समाज के पढ़े लिखे लोगों में भी गलतफहमी है। हमारे समाज के वकीलों में भी गलतफहमी है और हमारे समाज के बुद्धिजीवी वर्ग में भी यह गलतफहमी है कि हम उसको 'ओपेन कटेगरी' कहने के बजाय 'जनरल कटेगरी' मानते है। इसका मतलब है कि ये जनरल कास्ट के लिए रिजर्व है। जबकि ऐसा नहीं है।
हमें किसी से बात करते समय या बोलते समय, यह ध्यान में रखना चाहिए कि हमें जनरल कटेगरी कहने के बजाय 'ओपन कटेगरी' कहना चाहिए। इस ओपन कटेगरी में सभी का हिस्सा होता है। चाहे वह एस0सी0 का हो, चाहे एस0टी0 का हो, चाहे वह ओबीसी का हो या सवर्ण हो।
जागते भी रहो और जगाते भी रहो!

हमारे प्रयास को अपना योगदान देकर और मजबूत करें

हमरी एंड्रॉइड ऐप मुफ्त में डाउनलोड करें

हमारे चैनल की मुफ्त में सदस्यता लें

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें

निषाद पार्टी न्यूज़

न्यूज़ वीडियो

निषाद इतिहास