मूलवासी निषाद वंश केे असली दुश्मन कौन ?

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर, 9 अगस्त 2017। मूलवासी निषाद वंश केे असली दुश्मन कौन ?
इसे पहचानने के लिए थोड़ी सी  ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर नजर डालना होगा। महामना डॉक्टर संजय कुमार निषाद जी ने कहा है कि जो कौम अपने इतिहास को नहीं जानती वह अपने भविष्य का निर्माण नहीं कर सकती।
      जो मूलवासी निषाद वंश के लोग पूरे देश में शासन करते थे अपनी खुशहाल सभ्यता और संस्कृति के मालिक थे। वही आज पूरे देश में सबसे ज्यादा भूखे नंगे हैं और मेहनत मजदूरी करने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
      केंद्रीय कमीशन का आंकड़ा है कि पूरे देश में 83 करोड़ लोगों को मात्र ₹10 से ₹20 की आमदनी है । यानी भूखमरी की कगार पर है, उनमें सबसे ज्यादा भुखमरी के शिकार मूलवासी निषाद वंश के लोग हैं।
      30 करोड़ के आस पास लोग झुग्गी-झोपड़ियों में निवास करते हैं, इनमें से ज्यादातर मूलवासी निषाद वंश के लोग हैं। यहां थाने में आम गरीब लोगों के साथ न्याय नहीं होता 50% कांड का तो FIR ही नहीं होता है । लोगों को पुलिस व न्याय व्यवस्था से भरोसा उठ गया है, जिसके चलते मूलवासी निषाद वंश के लोग आंदोलित हो रहे हैं और यह काफिला पूरे प्रदेश में महामना डॉ संजय निषाद जी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है।
        अतः आप सभी सामाजिक बंधुओं से विनम्र निवेदन है कि इस बढ़ते हुए अत्याचार और गुंडागर्दी से निपटना है तो आप निषाद पार्टी के सदस्य बनें और अपने आने वाले भविष्य को उज्जवल बनाएं। और शासन सत्ता पर काबिज हो कर अपने निर्बल समाज को ताकत देने का कार्य करें।
                                         धन्यवाद
ई०प्रवीण कुमार निषाद
प्रदेश प्रभारी (निषाद पार्टी)