आसान नहीं नेतृत्व को परख पाना

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर 8 अगस्त 2017। आसान नहीं नेतृत्व को परख पाना, इस बात का बेहतर व ईमानदार मूल्यांकन इतिहास करता है, कि महामना डॉ.संजय कुमार निषाद जी ने कैसा नेतृत्व दिया है और कैसे उन्होंने कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी पूरे देश और प्रदेश में तैयार किए? और यह महामना जी की दूरदर्शिता की बुनियाद पर आंका जाता है।
         एक बार फिर अपेक्षाकृत शांत दौर देखने के बाद माहौल फिर से गरमाया हुआ है। इस बात को मैं इस लिए कह रहा हूँ कि पूर्व में जितने नेतृत्वकर्ता थे और आज के मौजूदा नेतृत्वकर्ता (डॉ. संजय कुमार निषाद) का बिल्कुल अलग दृष्टिकोण है और यह जगजाहिर भी है। महामना जी का कहना है कि - " कदम कितने भी बड़े और छोटे, लंबे और संक्षिप्त हों, लेकिन इनमें विचारों का गहन समायोजन हो"। बेहतर नेतृत्व बहुमुखी विचारों का धनी होता है। वह महामना जी में है। उनकी रणनीति सबसे अलग है। यह समझ पाना सबके बस की बात नहीं। आने वाले समय में डॉ संजय कुमार निषाद सामाजिक, राजनीतिक बदलाव की धुरी होंगे।