जो काम कृष्ण रूपी भगवान नहीं कर सका, उसे इंसान रूपी बाबा साहब ने कर दिया

एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो,15 अगस्त 2017। आज योगिराज कृष्ण का जन्म मनाया जा रहा है एक भगवान के अवतार के रूप में। कृष्ण ने अपनी बातों को सत्य करने के लिए सभी हथकंडे अपनाए। कृष्ण आज ने कर्म का संदेश दिया, लेकिन उनके प्रचारक उसे धर्म का मार्ग बनाकर आज आजादी के 70 साल बाद भी ऊंच नीच, छोटा बड़ा और न जाने कौन कौन सा तारीका अपना कर देश और समाज के विकास में बाधक ही बने हुए हैं। क्योंकि कृष्ण भी यही करते थे उन्होंने वही मटकी फोड़ी जिसमे दही और घी था।
एक और भगवान भारत में पैदा हुए उन्होंने भी कर्म के संदेश के साथ ऊंच नीच और भेदभाव को मिटाने का संदेश नहीं पक्का इंतज़ाम किया। और बाबा साहेब ने हमारे और अपने पुर्वजों के गले की वह मटकी तोडी जिसमे थूक भरा हुआ था, हजारो सालो से हमारे पुर्वजों के गले में मटके लटके हुये थे लेकीन सब भगवान दही और मख्खन के मटके तोडने मे व्यस्त थे। किसी भगवान ने ये नही सोचा कि इन लाचार गरीब और समाज के सताये हुए लोगो के मटके भी तोड़ दे। इन गरीब लाचार और समाज से काट कर रखे हुए लोगों के गले की मटकी तोड़ने के लिए सिर्फ बाबा साहब आये। क्या हमारे समाज के लोग ये सब भूल गए ?