राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद ने अपने वकील के माध्यम से 17 जातियों के आरक्षण के समर्थन में हाई कोर्ट में काउंटर एफिडेविट दाखिल किया

इलाहाबाद, एकलव्य मानव संदेश रेपोर्टर, 3 सितंबर 2017।  राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद ने अपने वकील के माध्यम से 17 जातियों के आरक्षण के समर्थन में इलाहाबाद हाई कोर्ट में काउंटर एफिडेविट दाखिल 31/8/2017 को काउनटर दाखिल किया है।
17 जातियों के आरक्षण का मुकद्दमा हाई कोर्ट में चल रहा है और इस पर 4 तारीफ को सुनवाई होनी है, लेकिन उस दिन जज के बाहर रहने के कारण अब सम्भवतः 11 तारीक़ को सुनबाई हो।
निषाद पार्टी के एकमात्र भदोही की ज्ञानपुर विधानसभा से चुने गए बाहुबली विधायक पं. विजय मिश्रा ने इस मुकद्दमे के लिये संविधान विशेषज्ञ सीनियर वकील को पैरवी करने के लिए नियुक्त कराया है और उनकी फीस और हाई कोर्ट के खर्चों के लिए 2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की है।
इस बीच राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद और निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल ने 4 सितंबर से 11 सितंबर तक अनवरत उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद ने अपनी स्थापना से लेकर आज तक निषाद आरक्षण और राजनीतिक भागेदारी के उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा संघर्ष किया है। इसी आरक्षण 7 जून 2017 मगहर में रेल रोको आंदोलन में इटावा की मंडियां दिलीप नगर निवासी अखिलेश निषाद पुत्र श्री आत्माराम निषाद की पुलिस गोलीबारी में मृत्यु हो गई थी। और राष्ट्रीय अध्यक्ष महामना डॉ संजय कुमार निषाद खुद एक महीना गोरखपुर जेल में रहे। इसके अलावा 35 अन्य आंदोलनकारियों को भी 6 से 7 महीना जेल में रहना पड़ा था।
इस बीच 31 अगस्त को लखनऊ के नारी नाट्य कला केंद्र में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष महामना डॉ संजय कुमार निषाद जी ने प्रदेश के सभी संगठनों को 4 से 11 सितंबर तक चलने वाले प्रदेस व्यापी धरने में अपने अपने झंडा और बेनर के साथ शामिल होने का आग्रह किया है।