गुलामी छोड़ो, आगे बढ़ो

मुरादाबाद, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर, 1 सितम्बर 2017। कहते है जिस देश को गुलाम बनाना हो उसकी संस्कृती मिटा दो। जिस कौम को गुलाम बनाना हो उसका इतिहास मिटा दो। पहले मेरी संस्कृती मिटा दी गई, फिर मेरी कौम का इतिहास मिटा दिया। सब कुछ खत्म हो गया। मैं अपने कश्यप, तुरैहा, निषाद समाज से कहना चाहंता हूँ कि जब तक तुम भाजपा के गुलाम रहोगे, आपको, आपके बच्चो को कुछ नहीं मिलने बाला। याद करो अपने इतिहास को, इस देश को आजाद कराने में मेरे समाज के कई लाख लोगो ने कुर्बानी दी है। मगर सब कुछ बड़ी जाति के लोगो ने मिटा दिया। कभी कलम चला करते थे, आज हम कलम की ओर देख रहे हैं हम। ये भाजपा बाले हम से वोट ले रहे हैं और अपने बच्चो का भला कर रहे हैं। ऐसी पार्टी को लात मारो, हम से अच्छे तो जानवर भी होते हैं, अगर कुतिया के बच्चे को छूना चाहते है तब बह कुतिया खतरा समझ कर हमारा मांस उतार लेती है। मगर ये लोग वोट लेकर  हमारे बच्चो का हक हिस्सा मार रहे हैं। क्या हमे इनका मांस नही उतार लेना चाहिये। मगर कुछ समाज के भाजपा गुलाम नेता नहीं चाहते की समाज आगे बड़े, इनका सम्मान  बापिस आये। गुलामी छोड़ो, हक हिस्सा लो, बहुत कर ली गुलामी, जागो गुलामो जागो, बहुत पीछे चले गये, बाकी समाज आगे निकल गये।
महीपाल कश्यप
मंडल अध्यक्ष
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद
मुरादाबाद।