सावधान !! बन्दर मुट्ठी भर चने के लिये अपनी जान को जोखिम में डाल देता है

अलीगढ़, एकलव्य मानव सन्देश एडिटोरियल, 13 सितंबर 2017। क्या आपने कभी बंदर पकड़ने वाले शिकारी को देखा है ? अगर नहीं तो मैं एक छोटी सी कहानी सुनाता हूँ। एक बंदर ने एक शहर में बड़ा ही आतंक मचा रखा था। सभी उसकी हरकतों से परेशान थे। फिर सबने मिलकर एक बंदर पकड़ने वाले शिकारी को बुलाया। शिकारी एक छोटे मुँह का घड़ा लाया और उसमें चने भर दिए। बंदर ने देखा इतने चने एक ही घड़े में हैं, चलो अब इधर उधर भाग दौड़ बंद करता हूँ। इसी एक घड़े में से मजे उड़ाता रहूंगा। और जैसे ही बंदर ने घड़े में से चने से मुठ्ठी भरकर जोर से पकड़ा की गिर न जायें, उसका हाथ घड़े के मुंह में फस गया। और शिकारी ने अपना जाल उस बंदर के ऊपर डाला, लेकिन बंदर ने अपनी जान की परबाह न करके अपने पेट की परबाह की। चने से भरी मुठ्ठी को खोलकर अपना हाथ बाहर निकल कर, अपनी जान बचा सकता था, लेकिन नहीं माना और शिकार हो गया।
इसी प्रकार निषाद वंशीय कई नेताओं का भी यही हाल है। पूरी जिंदगी निकल गई अपने भले के लिये एक मुट्ठी भर चने को पकड़े हुये हैं और भाजपा, सपा, बसपा, और कांग्रेस के लगातार शिकार हो रहे हैं। जब खुद मुठ्ठी भर चना के लिये तरसते रहते हैं, तो जो हमारा गरीब, शोषित, निर्बल, पीड़ित समाज है, उसके भले के लिए कहां से लाओगे ?
अब एक दार्शनिक, तेजतर्रार, विजनरी, लीडर डॉ संजय कुमार निषाद ने खुद को इतना ऊंचा उठा लिया है कि अब शिकारी खुद शिकार होने लगे है।
और निर्बलों को तरक्की का रास्ता सत्ता के गलियारे में से जाता है, इनके  लिए ही निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) बनाया। और आज लाखों लोगों को उनका मिशन समझ में आ रहा है।
लेकिन समाज के समझदार लोगों की जिम्मेदारी बनगई है कि अब मुट्ठी भर चने की खातिर नए नए संगठन बनाने वालों को अपने से दूर ही रखें। क्योंकि इससे सभी का नुकसान होता है।
अभी 11 तारीक़ को इसी प्रकार से कुछ लोगों ने मुम्बई में मुट्ठी भर चने के लिए एक नाकामयाब प्रयास किये जो पूरी तरह से फैल हुआ है। गए थे मुम्बई में मुखिया चुनने, लेकिन तथाकथित समाज प्रेमियो की सभा में उपस्थिति की स्थित हास्यास्पद ही रही। लेकिन चने
का लालच ही उनको समाज में आगे बढ़ने से रोक देगी।

हमारे प्रयास को अपना योगदान देकर और मजबूत करें

हमरी एंड्रॉइड ऐप मुफ्त में डाउनलोड करें

हमारे चैनल की मुफ्त में सदस्यता लें

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें

निषाद पार्टी न्यूज़

न्यूज़ वीडियो

निषाद इतिहास