जज्बा है जवानों का, चाहे शरीर कितना ही हो बुज़ुर्गी का

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर, 22 सितंबर 2017। जय निषाद राज साथियो
सभी निषाद समाज के युवा एवं बुद्धिजीवियों से निवेदन है कि आप इस समाचार में लगे फोटो को ध्यान से देखें। दादी मां और दादाजी निषाद पार्टी की एक विशाल महारैली को सफल बनाने के लिए 40 किमी. से 50 किमी. का रास्ता है। जहां पर दादी मां और दादा जी को पहुंचना है, साथियों हम सभी युवा एवं बुद्धिजीवियों से अनुरोध करते हैं कि जब हमारे दादी मां और दादा जी अपना इतिहास जान कर इस जोश में आ चुके हैं तो साथियों हम तो युवाओं का नया खून है, तो साथियों हमें किस तरीके से मेहनत करनी चाहिए यह हमें स्वयं सोचना चाहिए। दादी मां और दादाजी निषाद पार्टी की एक विशाल महारैली को सफल बनाने के लिए 40 से 50 किमी दूरी पर जा रहे हैं, वह किस लिए जा रहे हैं, वह इसलिए जा रहे हैं कि हमारी निषाद पार्टी की रैली सफल रहे। क्योंकि वह जान चुके हैं कि जाटव भाइयों की बहुजन समाज पार्टी की रैली कहीं भी हो, जाटव भाई जाना नहीं भूलते हैं। तो साथियों हम भी यही सोच लें कि, हमारी निषाद पार्टी की किसी भी कोने में मीटिंग हो या विशाल महारैली हो तो जाना ना भूलें। जब तक हम किसी मेंदान या किसी फील्ड या किसी पार्क में एकत्रित दिखाई नहीं देंगे तब तक विरोधियों को हमारी ताकत का एहसास नहीं होगा। एहसास तभी होगा जब आप निषाद पार्टी की रैलियों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लोगे मैं आपसे यही हाथ जोड़कर विनती करता हूँ।
निवेदक
युवा मोर्चा
निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
(N.I.S.H.A.D. पार्टी)