योगी सांसद से लेकर सीएम के रूप में अपनी जिम्मेदारी से भागने वाले ही रहे हैं

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर द्वारा इंजी. शान्तोष कुमार निषाद के विचार, 4 सितंबर 2017।
योगी आदित्यनाथ नाम सुना होगा। यह पंचुर, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड से चलकर उत्तर प्रदेश के महाराजा सिंघानु निषाद की धरती पर आया और 1998 से 2017 तक गोरखपुर की जनता ने इसे सांसद बनाया और आज इस उत्तरप्रदेश का मुख्यमंत्री है। जब यह सांसद था तब इसने अपनी जिम्मेदार नही निभाई तो आज मुख्यमंत्री के पद पर कैसे निभा सकता है। आज गोरखपुर की यह हालत है कि BRD मेडिकल कॉलेज में बच्चे मार रहे है और यह जनाब कह रहे हैं कि "क्या बच्चों का पालना सरकार की जिम्मेदारी है"। इस समय भी अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहा है। भगवा पहनने से इंसानियत नही आती। गाय को खिलाने से इंसान नही बनते। इंसान बनता है, दुसरों के दुख दर्द को समझने से।
      आज के समय लूट, हत्या, डकैती, बलात्कार चर्म सीमा पर है। क्या ये सब योगी जी को नहीं दिखायी दे रहा है। क्योंकि हमें मुसलमानों का भय दिखाकर, हिन्दू बनाकर, बीजेपी की सरकार बनवाते है, और बाद में इन्ही वंचितों, शोषितों, गरीब समाज का हर जगह शोषण होता है। आज समय आ गया है निर्बल समाज का और वह आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए निषाद पार्टी से जुड़ रहा है । जिससे इन सभी पार्टियों में खलबली मची पड़ी है।