सावधान !! निषाद पार्टी की बढ़ाती लोकप्रियता से घवराई भाजपा, सपा, बसपा, अपने पालतू तीतरों से नये-नये संगठन बनबाकर गुमराह करने की कोशिशों में लगीं

अलीगढ़, एकलव्य मानव संदेश एडिटोरियल रिपोर्ट, 3 सितंबर 2017। जब से राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद बानी है तब से और उसके बाद निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (N.I.S.H.A.D. पार्टी) का उदय हुआ है तबसे निषाद वंशीय जातियों ( धींवर, कश्यप, कहार, गौंड, गुड़िया, धुरिया, रायकवार, मांझी, मझवार, बेलदार, खरवार, केवट, बिन्द, मल्लाह, तुरैहा, मेहरा, बाथम, लोधी आदि सहित उत्तर प्रदेश की लगभग 30 जातियों में) में बड़ती राजनीतिक और भाईचारे की एकता से अब तक भाजपा, बसपा, सपा और कांग्रेस में आनंद उड़ा रहे नेताओं की नींद हराम हो गयी है। इनमें से एक महा नंगे तथाकथित नेता ने तो शायद कसम ही खा रखी है कि निषाद पार्टी और उसके मुखिया को गाली देकर ही पेट भरूँगा, क्योंकि यह अब तक लगभग 22 साल से समाज के पैसे से ही अपना और अपने परिवार का आरक्षण के नाम पर रैली और सभा करने के लिए डायरेक्ट और इनडाइरेक्ट पैसे बसूलता रहा है। और चंदे के पैसे से ही लखनऊ में अपना मकान भी बना चुका है। और अपने बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्चा केवल तरह तरह के बहाने से समाज से बसूलता रहा है। इसके नाटक से अब सभी राजनीतिक पार्टियां भी वाकिफ हो चुकी हैं। 22 सालो में हर चुनाव के वक़्त वोट दिलाने के लिए किसी न किसी राजनीतिक पार्टी की शरण में पैसे लेकर जाता रहा है। इस मूर्ख ने सपा से पैसे लेकर राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद की राजनीतिक पार्टी जनता जनार्दन पार्टी के गठन में चुनाव आयोग तक सिकायत की जिसके कारण डॉ संजय कुमार निषाद जी को नए नाम निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (N.I.S.H.A.D. पार्टी ) के नाम से पार्टी का रजिस्ट्रेशन कराना पड़ा। लेकिन जो हुआ बहुत ही अच्छा हुआ और एक मजबूत नाम निषाद पार्टी का हमको महामना डॉ संजय कुमार निषाद जी की दूरदृष्टि से प्राप्त हुआ। इस महा दलाल की आय का पिछले 22 सालों में स्रोत क्या रहा है, सभी को खुलकर पूछना चाहिए।
क्या आज तक कोई ऐसा संगठन बना है जो निषाद वंशीय जातियों को उनके मूल की तरफ लेजाकर उनके खोये हुऐ सम्मान को जगा कर एकता के सूत्र में बांध पाया हो।
अब सभी निषाद वंशीय जतियाँ जय निषाद राज का नारा बड़े गर्व से लगती हैं और अन्य जातियों को भी लगवाने लगी हैं।
निषाद वंशीय जातियों के लिये आज जीवित नेटाओं में से कौन है जो एक महीना जेल में रहा हो।
आज तक सैकड़ो सामाजिक संगठन केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष और  प्रान्तीय अध्यक्ष बनने के लिए तैयार किये गए हैं, समाज को जोड़ने के लिए नहीं। जुड़ते समाज को अपनी अपनी पार्टियों की दलाली की खातिर तोड़ना आसान है।
कोई कश्यप सभा, कोई कश्यप महा सभा, कोई बिन्द सभा, कोई बिन्द महा सभा, कोई बिंद कल्याण सभा, कोई मेहरा के नाम पर तो कोई तुरैहा या गोंड के नाम पर कोई बेलदार, कोई रायकवार के नाम पर तो कली बाथम के नाम पर की मल्लह के नाम पर, आदि आदि ! क्यों बने और बनाये जा रहे हैं ये सभी संगठन ?
नये नये संगठन केवल अपनी अपनी पार्टियों को खुश करने के लिए तैयार होते हैं। और इस समाज को जो उत्तर प्रदेश में लगभग 24.5 प्रतिशत है उसकी राजनीतिक हत्या केवल ये पार्टियों के पालतू तीतर और  दलाल नेता ही करने में लगे हुए हैं। जबकी राजनीतिक पार्टियां सपा, बसपा और कांग्रेस इस बार उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी के जागरूकता अभियान से धराशायी हो गई हैं। लेकिन इन दलालों को सबसे बड़ा चुगा अब भाजपा डाल रही है। भाजपा इस वक्त उत्तर प्रदेश में नगर निकाय और उप चुनावों में उतरने से घवराई हुई है। आज भाजपा की गलत नीट से निर्बलों के साथ किसान और छोटे व्यापारी के साथ युवा वर्ग परेशान है। युवकों को रोजगार की जगह सस्ता इंटरनेट पकड़ाया जा रहा है।
आज उत्तर प्रदेश में डॉ संजय कुमार निषाद की टक्कर का कोई नेता नहीं है इसलिए उनकी बुराई पैसे देकर कराने में भी दलाल और पार्टियों ने सोशल मीडिया पर लगा दिये है। लेकिन डॉ संजय कुमार निषाद जी ने आज निर्बलों के पक्के उत्थान के लिए 5 हथियार समाज को दे दिये हैं।
1-राजनीतिक पार्टी-निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल(N.I.S.H.A.D. पार्टी)।
2-एक नेता(लीडर का मतलब होता है लिफ्टिंग द विज़न सोसाईटी)-डॉ संजय कुमार निषाद।
3-एक झण्डा-मेहरून रंग का(हमारे पूर्वजों की कुर्बानी का प्रतीक)।
4-चुनाव चिन्ह (अभी भोजन से भरी थाली)।
5-नारा-जय निषाद राज (भारत का आर्यावर्त से पहले का नाम, जब भारत सोने की चिड़िया कहलाता था और दुनिया में भारत का 1 रुपया 3 रुपये में चलता था)।

अतः सभी निषाद वंशीय जातियों के वन्धुओं से विनम्र निवेदन है कि इस शोषित समाज को राजनीतिक भागेदारी यानी सत्ता तक पहुचाने के लिए अपने अपने स्वार्थ और जातीय प्रेम को छोड़कर अपने वंशीय एकता को बढ़ाने के लिए निषाद पार्टी में शामिल हो और निषाद पार्टी द्वारा चलाये जा रहे कार्यकर्ता शिविरों में जाकर दक्ष और प्रशिक्षित हुईए। और निषाद पार्टी की डॉ संजय कुमार निषाद द्वारा लिखित किताबें पढ़ें और अपने घर घरों में पार्टी के द्वारा जारी तस्वीरों को लगायें।

अधिक सटीक जानकारी के लिये हमारे ऑनलाईन चैनल को देखते रहे फ्री में और एकलव्य मानव संदेश हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र को मांगा कर पड़ते रहें। जिससे गुमराह करने वालों से बचे रहो।

हमारे चैनल को ऑनलाईन देखने के लिये वेवसाईट है
www.eklavyamanavsandesh.com

इसी वेवसाईट से आप हमारा ऐप्प भी डाऊनलोड कर सकते हो।

आप हमारे संबाददाता भी बन सकते हो, जिससे अपने इलाके की न्यूज़ हमे भेज सकते हैं और मान सम्मान प्राप्त कर सकते हो।

व्हाट्सएप नम्बर है
9219506267

मोबाईल नम्बर हैं
9457311662
9897065589


7