निषाद पार्टी ने मनाया शहीद भगत सिंह का जन्मदिन

सीतापुर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर, 27 सितम्बर 2017 l सरदार भगत सिंह आजादी के ऐसे दीवानें है जिन्हें भारत और पाकिस्तान में समान रूप से सम्मान प्राप्त है, क्योंकि इन्होंने अखण्ड देश को आजाद कराने के लिए अपनी पूरी जिन्दगी बिना किसी लालच के देश के लिए समर्पित कर दिया l
      यह सम्बोधन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयन्ती के अवसर पर विकास क्षेत्र के मंझारी गॉव में निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल के आवाह्न पर आयोजित श्रद्धाञ्जलि कार्यक्रम में लखनऊ मण्डल उपाध्यक्ष राजेश कश्यप ने दिया l उन्होंने आगे कहा कि सरदार भगत सिंह का जन्म आज के दिन 27 सितम्बर 1907 को पंजाब के सिक्ख जाट कुनबे में हुआ था; इनके जैसा देशप्रेमी मिलना किसी भी देश के लिए सौभाग्य का विषय बन सकता है, क्योंकि जिस साहस और बुद्धि के साथ आततायी फिरंगियों को मुँहतोड़ जवाब दिया वह भुलाया नहीं जा सकता l बचपन से ही भगत सिंह देश के लिए मर मिटने जैसा सपना देखा करते थे,13 अप्रैल 1919 में जलियॉवालॉ हत्याकाण्ड ने इनका हृदय अंग्रेजों के विरुद्ध मुखर हो गया इसलिए भगत सिंह ने भारत को आजाद कराने के लिए 'भारत नौजवान सभा' नामक संगठन बनाया l भगत सिंह , राजगुरु से मिलकर 17 दिसम्बर 1928 को लाहौर में जेपी साण्डर्स को मारकर देश भक्ति का अभूतपूर्व इतिहास रचा और भगत सिंह ने क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर दिल्ली के सेन्ट्रल भवन में 8 अप्रैल 1929 को अंग्रेजी हुकूमत को जगाने के लिए बम फोड़ दिया व हवा में पर्चे लहरा दिया था इतना सब करने के बाद भी ये दोनों जांबाज देशप्रेमी भागे नहीं बल्कि गिरफ्तारियां देकर 23 मार्च 1931 को फांसी का फन्दा चूम लिया और विश्व के भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन में जगमगाता हुआ इतिहास बनाकर अमर हो गये l
      शहीद भगत सिंह के द्वारा जेल में रचित 'मैं नास्तिक क्यों हूँ ' नामक लेख दुनिया भर के नास्तिकों के लिए प्रमुख प्रेरणा स्रोत बना हुआ है l निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल का सपना शहीदों के सपने को साकार कर हर गॉव गरीब का विकास करना है l
      इस मौके पर रामनरेश लोधी, विजय कुमार, शिवबरन, सोनी विश्वकर्मा, रागिनी सहित अन्य उपस्थित रहे l