झांसी में गूंजा जय निषाद राज, जोरदार स्वागत हुआ निषाद पार्टी के मुखिया महामना डॉ संजय कुमार निषाद

झांसी, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर, 11 सितंबर 2017।शासनादेश के बावजूद अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं जारी किया जा रहा-डाॅ संजय कुमार निषाद, अब यह निषादों के लिए इतिहास दोहराने का समय-राम प्रसाद निषाद सत्ता प्राप्त होने तक चैन से नहीं बैठेगा निषाद समाज-अशोक कुमार, निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल निषाद पार्टी की नैन्सी मैरिज हाल में विशाल जनसभा आयोजित। 
निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल निषाद पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष एवं राष्टीय निषाद एकता परिषद के संस्थापक डाॅ संजय कुमार निषाद ने कहा कि शासनादेश जारी होने के बावजूद प्रदेश के अधिकारियों द्वारा मझवार सहित उसकी सभी पर्यायवाची जातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने भी विधानसभा चुनाव के दौरान निषाद समाज के लोगों को आश्वासन दिया था कि उनकी सरकार बनने पर वह इस समाज के लोगों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल करा देगे। लेंकिन योगी सरकार भी अपने वादे से मुकर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब भाजपा की बहुमत की सरकार बन चुकी है इसलिए योगी को अपना चुनावी वादे को पूरा करना चाहिए। निषाद समाज प्रदेश सरकार से कोई भीख नहीं मांग रहा है। यह उनका मूल व संवैधानिक अधिकार है। डाॅ निषाद आज यहां जिला मुख्यालय से 4 किमी दूर गल्ला मण्डी रोड पर स्थित नैन्सी मैरिज हालमे आयोजित पार्टी की एक विशाल जन सभा को संबोधित कर रहे थे।
राष्टीय अध्यक्ष ने कहा कि संविधान की अनुसूचित जातियां आदेश 1960 उत्तर प्रदेश के क्रमांक 53 पर अंकित है, जिसकी पर्यायवाची जातियां माझी, मुजाबीर, राजगौड़ केवट, मल्लाह है और यह सेसन्स आफ इंडिया 1961 अपेंडिक्स एक्ट में क्रमांक 51 पर दर्ज है। श्री निषाद ने कहा कि यही नहीं गत 21 दिसम्बर 2016 को उत्तर प्रदेश सरकार ने मझवार सहित उसकी सभी उपजातियों कहार कश्यप केवट,मल्लाह निषाद कुम्हार, प्रजापति, धीवर विन्द, भर, राजभर, घीमर, बाथम, तुरहा, गोडि़या माझी व मछुआ आदि को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने का शासनादेश भी जारी किया है। यही नहीं उक्त आदेश पर माननीय हाईकोर्ट इलाहाबाद ने भी जनहित याचिका संख्या-2129/2017 में अपने 24 जनवरी 2017 को लगाये गये स्थगनादेश को 29 मार्च 2017 को समाप्त करते हुए आदेश पारित किया है, कि जो भी जाति प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं या जारी होगे वह जनहित याचिका संख्या-2129/2017 के परिणाम के अधीन होगे। उन्होंने कहा कि माननीय हाईकोट इलाहाबाद के दिनांक 29 मार्च 2017 के आदेश के बाद प्रदेश के अधिकारियों द्वारा अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी नही किया जा रहा है बल्कि उसके स्थान पर पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। यह माननीय हाईकोर्ट के आदेश का सरासर उल्लघंन है।
डाॅ संजय ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भी दिनांक 31 दिसम्बर 2016 को जारी किये गये अपने एक शासनादेश के तहत मझवार सहित उसकी सभी उक्त उपजातियों को पिछड़ी जाति की अनुसूची से निकाल कर आरक्षण अधिनियम संख्या 1994 की धारा 13 के अधीन शक्ति का प्रयोग करते हुए कहा है कि अब उक्त सभी उप जातियां अनुसूचित जाति समझी जायेगी। 31 दिसम्बर 2016 को उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना दूसरा शासनादेश जारी करते हुए कहा है कि मझवार सहित उसकी सभी उपजातियां पिछड़ी जाति से निकाल दी गयी है। अब उक्त सभी उपजातियां अनुसूचित जाति समझी जायेगी। यही नहीं शासनादेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त सभी जातियों को अब अनुसूचित जाति का लाभ व प्रसुविधा भी प्राप्त होगी। परन्तु अभी तक निषाद समाज को प्रमाण पत्र नही दिया जा रहा है। राष्टीय अध्यक्ष ने कहा कि निषादों को अपनी मांग पूरी करने के लिए जिस प्रकार के आन्दोलन की आवश्यकता होगी किया जायेगा।
प्रदेश सचिव राम प्रसाद ने कहा कि निषाद समाज अब अपने अधिकार के लिए अधिक समय तक चुप नहीं बैठ सकता। निषाद समाज इसके लिए आगे भी अपना सघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि अब एक बार फिर से निषादों के लिए इतिहास दोहराने का समय आ गया है। आदि काल से निषाद वंश देश पर शासन करते आया है, जिसका रामायण व वेद पुराण आदि ग्रन्थ प्रमाण है। लेकिन विभिन्न सरकारों व राजनैतिक दलों की उपेक्षा कारण वही राज वंश निषाद समाज के लोग आज भूखों मरने को विवश हो गये है। अब निषाद समाज के लोग अब यह अत्याचार नहीं सहन करेेगे।
उन्होंने कहा कि निषाद इस वंश के लोगों में शासन करने की जो क्षमता है वह किसी अन्य समाज व दल में नहीं है। उन्होंने कहा कि जो भी सरकारें आती हैं वे निषाद व उनकी उप जाति के लोगों पर कहर बनकर टूट पड़ती है। कहीं भी कोई अपराधिक घटना होने पर पुलिस निषाद समाज के नौजवान को ही गिरफ्तार करके वाहवाही लूटने का प्रयास करती है। वह इस बात की जरूरत नहीं समझती कि जिसे वह गिरफ्तार कर रही है वह एक विद्यार्थी या एक शरीफ युवक भी हो सकता है। इन सब चीजों की वह जांच करने की जरूरत ही नहीं समझती। उनकी नजर मे निषाद समाज ही सबसे गया गुजरा है। प्रदेश सचिव ने कहा कि निषाद समाज समाज में सबसे पिछड़ा अवश्य है मगर वह अपराध जैसे कुकृत्यों की ओर देखता भी नहीं क्योंकि यह समाज अपराधी नहीं होता बल्कि अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए हर समय कुर्बान होने को तैयार रहता है।
आरएनईपी के प्रदेश सचिव अशोक कुमार ने कहा कि निषाद समाज राज घराने का बंशज हैं। जो अत्याचार बहुत अधिक नहीं बर्दाश्त कर सकता। बहुत हो चुका अब निषाद समाज जाग चुका है। अब वह तब तक चैन की नीद नहीं सोयेगा जब तक सत्ता की कुर्सी अपने कब्जे में नहीं ले लेगा। निषाद समाज के लोग अशिक्षित अधिक है इसलिए उन्हें जागरूक करने में थोड़ा वक्त जरूर लग रहा है लेकिन भविष्य अब निषादों का है। उन्होंने कहा मझवार सहित उनकी सभी उपजातियों को अनुसूचित जाति में शामिल कराने के लिए निषाद पार्टी किसी भी स्तर तक जा सकती है। अभी तो यह अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है।
जिलाध्यक्ष अशोक कुमार रैकवार ने कहा कि उनकी पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकता हर घर में जा-जाकर समाज के लोगों को उनके अधिकारों के विषय में आगरूक करने का कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि आगे आने वाला समय निषाद समाज व उन दबे कुचले लोगों का है जिन्हें आज तक विभिन्न पार्टी की सरकारों व राजनैतिक दलों द्वारा सताया जाता रहा। वर्तमान समय में हर ओर जिधर देखो उधर ही निषाद पार्टी के कार्यकर्ता झंडा व बैनर लेकर लोगों को जागरूक करते दिखाई दे रहे है।
महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती पुष्पा रैकवार ने निषाद सहित उसकी सभी उपजातियों के लोगों का आहवान किया है कि वे आरक्षण की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाले क्रमिक धरने के आखिरी दिन सोमवार को जिला मुख्यालय पर भारी संख्या में जमा हो जिससे प्रदेश सरकार निषादों की ताकत देखकर उनका अधिकार उन्हें सौंपने को विवश हो जाय।
रैकवार समाज के जिलाध्यक्ष महेश कश्यप ने कहा कि बिना सत्ता के अधिकार नहीं मिलता। हमारे अधिकारों को विभिन्न दलों की सरकारों ने छीन लिया है अब हमें अपने उन अधिकारों को दोबारा वापस लेना होगा। निषादों में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है परन्तु उन्हें प्रदर्शन का मौका न मिलने के कारण वे अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन नही कर पा रहे है। डाॅ संजय कुमार की अगुवाई में अब यह समाज अपने सभी अधिकारों को प्राप्त करके रहेगा।
जनसभा को इलाहाबाद से पधारे जिलाध्यक्ष इन्द्रजीत निषाद,जिला प्रभारी मुरलीधर निषाद, जिला महासचिव फतेह बहादुर निषाद,विधान सभा अध्यक्ष बारा शिवपाल निषाद नाहर के अलावा अन्य कई लोगों ने संबोधित किया।
जनसभा में राजेन्द्र निषाद,संन्ध्या निषाद, बच्चा निषाद, आलोक माझी, सरस्वती देवी निषाद, कुसुम निषाद,विमलादेवी निषाद, गौरी देवी निषाद, कल्लू मझवार,सालिकग्राम निषाद,शिव चन्द्र निषाद, संतोष कुमार निषाद, फूलचन्द्र निषाद,जय नारायण विन्द, वी सी विन्द,निषाद कृष्ण विन्द,हीरालाल निषाद, मिरचाई लाल, बीरबल निषाद, रामराज निषाद, राकेश निषाद, रामसुन्दर निषाद, पिन्टू निषाद, बुधई निषाद,देवराज निषाद, रामचन्द्र निषाद,लक्ष्मणदास निषाद, राजबहादुर निषाद तथा अजय कुमार निषाद, निषाद, कश्यप, व रैकवार समाज के हजारों लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तथा संचालन अशोक कुमार रैकवार ने किया।