योगी से मांगा था आरक्षण और भेज दिया जेल, ये है बेजेपी का निषाद वंशीयो के साथ अजब खेल

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो रिपोर्ट, 10 सितंबर 2017। गोरखपुर में 9 सितंबर को निषाद वंशीय जतियों के परिभाषित आरक्षण को लागू कराने के लिए निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल(निषाद पार्टी ) के कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी से मिलकर उनको 8 जून 2017 का आरक्षण दिलाने का वायदा याद दिलाकर 11 सितंबर 2017 की इलहाबाद हाई कोर्ट की तारीख पर सरकार की ओर से सशक्त पैरवी की मांग के लिए मिलना चाहते थे। लेकिन योगी जी ने कार्यकर्ताओं से मिलने के जगह एक रात पहले ही छापेमारी कराकर अपना घिनौना खेल खेला। गोरखपुर के सभी रास्तों की जबरदस्त नाकेबंदी करादी गई। रेलगाड़ियों को लेट कराया गया। स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। ये सब से बचते हुए निषाद पार्टी के लगभग 500 कार्यकर्ता सटेशन के पूर्वी साइड में स्थित रेल फाटक की ओर पहुंच गए और रेल पर जाम लगा कर आरक्षण लागू करने के मांग करने लगे। इसकी भनक जिले के आला अधिकारियों को लगी, तो भारी पुलिस बल के साथ जिलाधिकारी और एसएसपी सहित सभी मौके पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आन्दोलनकारियों को किसी भी कीमत पर योगी जी से नहीं मिलने देना चाहते थे। इसीलिए सभी कार्यकर्ताओं को जबर्दस्ती पकड़कर बसों और जीपों और अन्य गाड़ियों में ठूंस ठूस कर भर दिया और गिरफ्तार कर लिया गया।
रेल ट्रैक जाम करने के मामले में आरपीएफ ने 52 आंदोलनकारियों पर रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर नौ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हिरासत में लिए गए 96 पुरुष व 15 महिलाओं का शांति भंग में चालान कर दिया। 100 से अधिक महिलाओं पुलिस लाइन से छोड़ दिया गया।
आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनरत निषाद पार्टी के नेता व कार्यकर्ता सुबह 10:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन देने गोरखनाथ मंदिर जा रहे थे। धर्मशाला पर फोर्स के साथ मौजूद एसपी सिटी विनय सिंह ने उन्हें रोक लिया। मौके पर मिले 50 से अधिक लोगों को पुलिस लाइन भेज दिया।
हिरासत मे लिए गए 52 पुरुषों को शाहपुर, 44 को गोरखनाथ व 15 महिलाओं को महिला थाने भेज दिया गया। जहां से शांतिभंग में चालान कर दिया गया। आरपीएफ ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय कुमार निषाद के बेटे इंजी. प्रवीण निषाद, इंजी. श्रवण निषाद, प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र मणि निषाद, लवकुश निषाद, बनारसीनिषाद, रामकरण निषाद, आलोक निषाद, रामटहल निषाद और विनय कुमार निषाद के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। और जीआरपी थाने में बंद कर दिया।
ये सब एक ऐसे संत से सांसद, और सांसद से सीएम और निषादों को आरक्षण का वायदा करने वाले ने आरक्षण की जगह जेल भेज कर वायदा निभाया है।
योगी सरकार की इस कार्यवाही से निषाद कश्यप समाज में जबरदस्त रोष व्याप्त हो गया और प्रदेश भर में कई जिलों में प्रदर्शन और योगी आदित्यनाथ के पुतले फूक कर, रोड जाम किये जाने लगे। शामली में 50 लोगों ने प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र कश्यप के गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो रिपोर्ट, 10 सितंबर 2017। गोरखपुर में 9 सितंबर को निषाद वंशीय जतियों के परिभाषित आरक्षण को लागू कराने के लिए निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल(निषाद पार्टी ) के कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी से मिलकर उनको 8 जून 2017 का आरक्षण दिलाने का वायदा याद दिलाकर 11 सितंबर 2017 की इलहाबाद हाई कोर्ट की तारीख पर सरकार की ओर से सशक्त पैरवी की मांग के लिए मिलना चाहते थे। लेकिन योगी जी ने कार्यकर्ताओं से मिलने के जगह एक रात पहले ही छापेमारी कराकर अपना घिनौना खेल खेला। गोरखपुर के सभी रास्तों की जबरदस्त नाकेबंदी करादी गई। रेलगाड़ियों को लेट कराया गया। स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। ये सब से बचते हुए निषाद पार्टी के लगभग 500 कार्यकर्ता सटेशन के पूर्वी साइड में स्थित रेल फाटक की ओर पहुंच गए और रेल पर जाम लगा कर आरक्षण लागू करने के मांग करने लगे। इसकी भनक जिले के आला अधिकारियों को लगी, तो भारी पुलिस बल के साथ जिलाधिकारी और एसएसपी सहित सभी मौके पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आन्दोलनकारियों को किसी भी कीमत पर योगी जी से नहीं मिलने देना चाहते थे। इसीलिए सभी कार्यकर्ताओं को जबर्दस्ती पकड़कर बसों और जीपों और अन्य गाड़ियों में ठूंस ठूस कर भर दिया और गिरफ्तार कर लिया गया।
रेल ट्रैक जाम करने के मामले में आरपीएफ ने 52 आंदोलनकारियों पर रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर नौ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हिरासत में लिए गए 96 पुरुष व 15 महिलाओं का शांति भंग में चालान कर दिया। 100 से अधिक महिलाओं पुलिस लाइन से छोड़ दिया गया।
आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनरत निषाद पार्टी के नेता व कार्यकर्ता सुबह 10:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन देने गोरखनाथ मंदिर जा रहे थे। धर्मशाला पर फोर्स के साथ मौजूद एसपी सिटी विनय सिंह ने उन्हें रोक लिया। मौके पर मिले 50 से अधिक लोगों को पुलिस लाइन भेज दिया।
हिरासत मे लिए गए 52 पुरुषों को शाहपुर, 44 को गोरखनाथ व 15 महिलाओं को महिला थाने भेज दिया गया। जहां से शांतिभंग में चालान कर दिया गया। आरपीएफ ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय कुमार निषाद के बेटे इंजी. प्रवीण निषाद, इंजी. श्रवण निषाद, प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र मणि निषाद, लवकुश निषाद, बनारसीनिषाद, रामकरण निषाद, आलोक निषाद, रामटहल निषाद और विनय कुमार निषाद के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। और जीआरपी थाने में बंद कर दिया।
ये सब एक ऐसे संत से सांसद, और सांसद से सीएम और निषादों को आरक्षण का वायदा करने वाले ने आरक्षण की जगह जेल भेज कर वायदा निभाया है।
योगी सरकार की इस कार्यवाही से निषाद कश्यप समाज में जबरदस्त रोष व्याप्त हो गया और प्रदेश भर में कई जिलों में प्रदर्शन और योगी आदित्यनाथ के पुतले फूक कर, रोड जाम किये जाने लगे। शामली में 50 लोगों ने प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र कश्यप के नेतृत्व में, मेरठ में 300 लोगों ने प्रदेश सचिव राजेश तुरैहा के नेतृत्व में मार्च निकाल कर प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तारी दी, जौनपुर में आरएनईपी जिलाध्यक्ष रामचरित्र निषाद के नेतृत्व में प्रदर्शन कर योगी का पुतला फूंका गया।
अभी 11 के बाद यह आंदोलन इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरकार की आरक्षण पर पैरवी करने पर निर्भर करेगा


हमारे प्रयास को अपना योगदान देकर और मजबूत करें

हमरी एंड्रॉइड ऐप मुफ्त में डाउनलोड करें

हमारे चैनल की मुफ्त में सदस्यता लें

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें

निषाद पार्टी न्यूज़

न्यूज़ वीडियो

निषाद इतिहास