योगी के राज में मरती हुई संवेदना

अलीगढ़, एकलव्य मानव संदेश के लिए मनोज अलीगढ़ी की रिपोर्ट, 13 अक्टूबर 2017। अलीगढ़ में मरती हुई संवेदना, योगी सरकार में लावारिस शवों को मरने के बाद चिता भी नसीब नहीं हो रही है। इसका जीता-जागता उदाहरण 12.10.2017 नुमाइश ग्राउंड स्थित शमशान गृह में देखने को मिला। जहां जीआरपी से आए एक लावारिस शव का कबाड़े/सडी-गली लकड़ियों को एकत्रित कर दाह संस्कार किया गया। बताया जाता है कि लावारिस शवों की अंत्येष्टि के लिए 1000 रूपये प्रत्येक शव मिलता है, जिससे उसका भली-भांति दाह संस्कार हो सके। मगर भ्रष्ट सिस्टम और ढ़ोंगी समाजसेवी संस्थाओं के खेल में सब चलता है। फोटोः मनोज अलीगढ़ी