दूसरों के महलों में गुलामी करने से अच्छा है, अपनी झोपड़ी में हुकूमत करो-डॉ संजय कुमार निषाद

गोरखपुर  एकलव्य मानव संदेश के द्वारा मछुआरों और निर्बलों को डॉ संजय कुमार निषाद का संदेश, 18 अक्टूबर 2017।।      साथियों !!
  फैसला खुद किजीये .....
जो आप कर रहै हो, कल आपका बेटा भी वही करेगा । आओ अपना झंडा उठाओ, और सत्ता मे पहुँचो।। दुनिया सलाम करेंगी ।
आज नही कल तेरा है ।
तेरा भी बेटा  राजा बन जायेगा ।
आज पेट से नही, लौहे की पेटी से राजा बनता है, वोट से राजा बनता है, अपना वोट अपनी पार्टी को डालो, आपका बेटा भी डीएम, कलेक्टर बनेगा ।
दलित भाईयो का जीवन मछुआ समुदाय से भी कठिन परिस्थितियों मे बीता। एक निवाला मुँह में डालने के लिए जानवरो से संघर्ष करना पड़ता था। कुत्तों से भी खराब जिंदगी जीते थे। उस कठिन परिस्थितियों मे उनके भगवान मान्यवर काशीराम जी आये, उस समाज को उन्होंने दिया
एक झंड़ा
एक नारा
एक नेता
एक पार्टी
एक चुनाव चिन्ह
आज वह समाज सत्ता के स्वाद से राजा की जिंदगी जी रहा है। उस लौहे की पेटी से जब उसकी सत्ता आई तो उस समाज ने भी इज्जत, मान, सम्मान, स्वाभिमान की जिंदगी जीना शुरू कर दिया। उसके बेटे डी एम कलेक्टर बन गये ।
वही आप के घर के सामने टीन बजाने वाले यादव भाई, जो दूध मे पानी मिला कर जीवन बिताते थे, वो भी आज
एक नारे
एक झंडे
एक नेता
एक पार्टी(संगठन)
एक चुनाव चिन्ह
से सत्ता में पहुँच कर माला माल हो गये। एक तरफा नौकरियों पर यादव जी ने कब्जा कर लिआ। आज उस समाज का टीन मे दूध ढोना छूट गया ।
वही आप के दरवाजे के सामने करताल बजाने वाले भिखारी भाई। जो भीख माँगने का काम करते थे।
आज
एक नारे
एक झंडे
एक नेता
एक पार्टी(संगठन)
एक चुनाव चिन्ह
से वह सत्ता मे बैठे हुए हैं। आज उस समाज का भीख माँगना छूट गया।
जिस-जिस समाज लोगों ने अपने समाज का
झंडा
नारा
नेता
पार्टी(संगठन)
चुनाव चिन्ह
की बात मानी, वह समाज राजा बन गया और जिसने नहीं मानी, उसका बेटा आज भी भुगत रहा है। उसके बाप ने गलती की, आज उसका बेटा सजा भुगत रहा है। आज भी उसका बेटा दलित बस्ती मे जानवर चरा रहा है, चौराहे पर मोची का काम कर रहा है। यादव जी का लड़का टीन के दुध मे पानी मिला रहा है। भिखारी का लड़का भीख माँग रहा है।
  आज जाने अंजाने मे आप, अपने ही हाथों से अपने ही बेटों की कब्र खोद रहे थे। यदि आप को अपने बच्चे का दर्द है, आप अपने बच्चे के बाप हो, तो उसके बेहतर भविष्य के लिए आप को भी सत्ता में पहुंचना होगा। बिना झंडे, नारे, पार्टी(संगठन), नेता और चुनाव चिन्ह के किसी भी समाज की दशा नहीं बदल सकती ।
दूसरों के महलों में गुलामी करने से अच्छा है, अपनी झोपड़ी में हुकूमत करो।
आज आप की देन है कि भिखारी राजा की गद्दी पर है और राजा के वंश के लोग भिखारी बनते जा रहे हैं।
फैसला आप को करना है ।
राजा बनना है या नौकर ?
आप का बेटा वही बनेगा ।
आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं
जय निषादराज!!
N.I.S.H.A.D Party जिंदाबाद !!
डॉ संजय कुमार निषाद
राष्ट्रीय अध्यक्ष
निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (N.I.S.H.A.D. पार्टी)
एवं
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद
मुख्यालय: पादरी बाजार, गोरखपुर, उ. प्र.

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