अस्‍ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य, छठ पर नदी के किनारे उमड़ा हुजूम, मांगी पुत्र की लंबी आयु

सिद्धार्थनगर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर प्रदीप निषाद की रिपोर्ट, 27 अक्टूबर 2017। अस्‍ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य, छठ पर नदी के किनारे उमड़ा हुजूम, मांगी पुत्र की लंबी आयु। लोकआस्‍था के महापर्व पर गुरुवार को छठ घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा और पुत्र प्राप्ति और परिवार की मंगल कामना के साथ व्रती महिलाओं ने अस्‍ताचलगामी सूर्य को छठ का पहला अर्ध्य दीया। इस दौरान छठ के पारंपरिक गीतों से वातावरण गुजायमान रहा।
शुक्रवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्ध्य के साथ छठ व्रत का समापन हुआ। छठ पूजा का उत्साह गुरुवार को चरम पर रहा। आस्था से सराबोर श्रध्‍दालु सुबह से ही पूजन की तैयारियां में जुट गए थे। परिवार के पुरुष सदस्य दिनभर बाजारों में खरीददारी कर पूजन का सामान जुटाने में लगे हुए थे। तो घर में महिला प्रसाद सामग्री तैयार कर रही थी। नगर के बैकुंठ धाम छठ घाट पर 3:00 बजे से ही श्रध्‍दालुओ के उमड़ने का सिलसिला शुरू हो गया था। सिर पर  बहंगी और हाथों में पूजा की थाली लेकर श्रध्‍दालुओं की टोली छठ घाटों की ओर रवाना हो गई। बेदी पूजन के बाद व्रती महिलाओं ने पानी के बीच खड़े होकर छठी मैया के आराधना की। करीब डेढ़ घंटे की प्रतीक्षा के बाद जैसी भगवान भास्कर अस्‍ताचल हुए, नगर पालिका नौगढ़ सिद्धार्थनगर पूजा की की धूम रही। त्यौहार की सबसे खास बात यह  है कि उदयाचल सूर्य को अर्ध्य देने के बाद मांग मांग कर प्रसाद खाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। मान्यता है कि सबसे छठ माता का आशीर्वाद मिलता है।