बहना फूलन करे पुकार,उठ जा माझी अबकी बार

जौनपुर, एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो चीफ प्रदीप कुमार निषाद की एक कविता, 2 नवम्बर 2017।
बहना फूलन करे पुकार,उठ जा माझी अबकी बार।
डॉ संजय साथ हैं तेरे,करदे सपना तू साकार।
कश्यप तेरे साथ खड़ा है,विंद खड़ा है तेरे द्वार।
छोड़ न मौका रे तू केवट,अबकी बना अपनी सरकार।
बहना फूलन करे पुकार,उठ जा माझी अबकी बार।
धीवर, धीमर  तेरे  भाई, भाई  तेरे   हैं   मझवार।
तुम्ही हो कश्यप,तुम्ही तुरैहा,तुम्ही गोंड़ औ रैकवार।
तुम्ही हो मल्लाह,तुम्ही हो बाथम,तुम्ही कश्यप और कहार।
बहना फूलन करे पुकार,उठ जा माझी अबकी बार।
एकलब्य के तुम्ही हो बंशज,तुम्ही हो शंकर के अवतार।
बहना फूलन,भैया जमुना,इन्ही के तू हो तारनहार।
कश्यप,श्रृंगी,बाल्मीकि औ वेदब्यास के तू परिवार ।
बहना फूलन करे पुकार,उठ जा माझी अबकी बार।
तुम्ही विधाता औ अन्नदाता,दुनिया के तू खेवनहार।
निषाद संस्कृति के निर्माता,औ उनके तू पालनहार।
जोड़ो आपस मे रिश्ते ,कभी न हो जिससे तकरार।
बहना फूलन करे पुकार,उठ जा माझी अबकी बार।
नेता, झंडा, नारा  तेरा ,चिन्ह, पार्टी   है    तैयार।
कूद पड़े रण में हैं संजय,लेकर के पांचों हथियार।
लखनऊ,दिल्ली के रण में चल,छोड़ के अब तू पतवार।
बहना फूलन करे पुकार,उठ जा माझी अबकी  बार।
हो जा संजय के साथ सभी,बन जाएगी तेरी सरकार।
लेलो शासन हाथ मे अपने,भाग्य लिखो तू अबकी बार।
मिलेगी  शांति मुझको  जब, जगमग हो  तेरा संसार।
बहना फूलन करे पुकार,उठ जा माझी अबकी   बार।