राजनीति बहुत गन्दी चीज नहीं, सत्ता की मस्टर चाबी है

अलीगढ़, एकलव्य मानव संदेश एडिटोरियल रिपोर्टर, 25 नवम्बर 2017। क्या राजनीति बहुत गन्दी चीज है ? अक्सर आपने यह सुना होगा कि राजनीति बहुत गन्दी चीज है । बहुत सी जगह समाज के लोगों से बात करते पर यही बात सामने आयी कि राजनीति गन्दी चीज है।  बार बार मेरे मस्तिष्क में यह सवाल कौंधत है कि यदि राजनीति गन्दी चीज है तो ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य समाज के लोग इस क्षेत्र में क्या कर रहे है? राजनीति यदि गन्दी चीज है तो वहाँ उन लोगों की संख्या अधिक होनी चाहिये थी, जिनको नीच जैसे शब्दों से नवाजा गया। यकीनन यह उच्च कहलाने वाले लोगों ने देश के मूलवासियों को सँविधान लागू होने के बाद बरगलाया कि राजनीति गन्दी चीज है। मान्यवर काशीराम ने इस बात को समझा कि राजनीति गन्दी चीज नहीं है, अपितु यह वो सत्ता की मास्टर चाबी है, जो देश में सविधान की संवेधानिक व्यवस्था लागू कर मूलवासियों को उनका अधिकार दिला सकती है। जब उनके फार्मूले15 प्रतिशत बनाम 85 प्रतिशत पर देश का मूलवासी सत्ता की ओर बढ़ा तो उन कथित उच्च वर्गीय लोगों ने कहा कि राजनीति में अब कोई विचारधारा नहीं रह गयी। अब राजनीति में स्तरहीन लोग आ गए हैं। लेकिन तारीफ की बात यह है कि वो कथित उच्च कहलाने वाले लोग अभी वहां से हटने को तैयार नहीं हैं।
आज निषाद पार्टी निर्बलों, शोषितों को राजनीति की सही जानकारी देकर, सत्ता से मिलने वाले लाभों के बारे में शिक्षित और प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आज मूलवशियों में भी सत्ता की बागडोर संभालने की ललक दिखाई दे रहे है, जो एक सुखद संदेश है।
डॉ संजय कुमार निषाद उनलोगों को राजनीति का पाठ पढ़ाने में अपनी टीम के साथ लगे हुए हैं जिनको राजनीति में पियाऊ और बिकाऊ माना जाता था।

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