केदाराइज़्ड और अनुशासित लोग ही क्रांति लाते हैं-डॉ.संजय कुमार निषाद

मिर्ज़ापुर, जौनपुर एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो चीफ प्रदीप कुमार निषाद के द्वारा, 22 नवम्बर 2017। मिर्ज़ापुर में 21 नवम्बर को आयोजित एक दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (N.I.S.H.A.D. पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामना डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा, आरएसएस के गुरु गोलवलकर ने एक किताब लिखी थी, जिसमें लिखा है कि " किसी सामने वाले संगठन को तबाह करना हो तो उस संगठन का नेतृत्व करने वाले लोगों में, महत्वाकांक्षा का निर्माण कर देना चाहिए, उस संगठन के कार्यकर्ताओं में तिरस्कार और द्वेष की भावना का निर्माण कर दो, इससे पदाधिकारी अपनी महत्वाकांक्षा और कार्यकर्ता आपसी टकराव के लिए काम करेगा। बिना कुछ किये ही वह संगठन तबाह और बर्बाद हो जाएगा।"
इस बात से सीख मिलती है कि कार्यकर्ताओं में तिरस्कार और द्वेष की भावना की वजाय आपसी समन्वय की भावना होनी चाहिए।
दुनिया में आज़ादी केवल अनुशासन में रहने वाले लोगों ने हासिल की है। दुनिया में जहां भी क्रांतियां हुई हैं, उसमें केवल 5 प्रतिशत लोग ही केड्राइज़्ड थे, वाकी सभी प्रकार के लोग शामिल थे।
निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए आपको भी क्रांति लानी होगी। जिसमें केड्राइज़्ड लोगों की आवश्यकता है। जो क्राउड को संभाल कर, उन्हें लेकर आंदोलन कर शोषित एवं वंचितों की समस्याओं के समाधान कर सकें।