क्या फूलन देवी हिन्दू नहीं थी क्या इज्जत सिर्फ रानियौं के पास ही होती है गरीब की इज्जत इज्जत नहीं

मेरठ, एकलव्य मानव संदेश के लिए इंजी. पी.पी.श्रीवर द्वारा साभर भेजा गया, 25 नवंबर 2017। मैं किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता हूँ,
लेकिन जो सच है उसे बयां कर रहा हूं।
हमारे देश में अनेक जाति के लोग पाए जाते हैं।
लेकिन सबको एक नजर से देखने वाले लोग नहीं मिलते हैं।
जनाजा नहीं उसके पीछे चल रहा लश्कर बयां कर रहा था की था कोई अमीर।
आप समझ गए होंगे मैं बात कर रहा हूं फिल्म पद्मावती की, जिसका आज पूरे भारत में जोर-शोर से विरोध हो रहा है।
क्योंकि वह एक रानी थी इसलिए ना ?
रानी का इज्जत इज्जत होती है, प्रजा की इज्जत मिट्टी का तेल होटी है क्या ?
आज सिर्फ एक ही गुड़ गाया जाता है, रानी पद्मावती सिर्फ राजपूतों की आस्था की बात नहीं सारे हिंदुओं की आस्था की बात है।
जब एक गरीब नारी फूलन देवी को नंगा करके गांव में घुमाया जाता है और उसे नंगा रहने पर मजबूर किया जाता है।
तब क्षत्रिय राजपूत ब्राह्मण कहां रहते हैं।
तब सब को एक साथ लेकर चलने वाले लोग कहां मर जाते हैं।
उस गरीब के मर जाने के बाद भी उसे बदनाम करना नहीं छोड़ा गया।
फिर उस पर फिल्म बनाई जाती है बैंडिट क्वीन
तब किसी ने भी विरोध नहीं किया। क्योंकि वह एक गरीब थी अन्याय का विरोध करती थी ? शायद इसीलिए। फिल्म पद्मावती का विरोध करने वाले यह वही वंश के लोग हैं। जो एक गरीब लड़की का अपमान और उसे नंगा रहने पर मजबूर किया था।
मैं इन लोगों से पूछना चाहता हूँ की क्या फूलन देवी इस देश की नारी नहीं थी और जो अाज हिन्दू की बात करते हैं मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि क्या फूलन देवी हिन्दू नहीं थी क्या इज्जत सिर्फ रानियौं के पास ही होती है गरीब की इज्जत इज्जत नहीं होती।
इसीलिऐ कहता हूँ कि जलते घर को देखने वाले फूस का छप्पर तेरा है।
अाग के पीछे तेज हवा है अागे मुकद्दर तेरा है।
तेरी मौत पे मैं भी चुप था मेरा नम्बर अब अाया ।
और मेरी मौत पे तू भी चुप है अगला नम्बर तेरा है।
अाज मैं ये जानना चाहता हूँ कि अाखिर ऐक ही देश मे रहने वालो के साथ इतना दोगलापन क्यों? क्या फूलन इस देश की बेटी नहीं थी। सिर्फ रानी पदमावती ही इस देश की बेटी है। नहीं हर नारी इस देश की इज्जत है चाहे वह किसी भी जाति की हो।
मेरे पिछड़े साथियो इन सामन्तवादियों को अब खदेड़ने का वक्त आ गया है। इनके अत्याचार शोषण को न सहना है। न होने देना है।
ओमवीर यादव
     प्रदेश अध्यक्ष
अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग छात्र सभा उत्तर प्रदेश