मुख्य चुनाव आयुक्त बनेंगे रिटायरमेन्ट के बाद राज्यपल ?

दिल्ली, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर परमवीर कश्यप की रिपोर्ट, 11 दिसम्बर 2017। मुख्य चुनाव आयुक्त जो पहले गुजरात मे मोदी जी के मुख्य सचिव रह चुके हैं, वह वर्तमान मे चुनाव आयोग के चीफ हैं। उनके शुरू से ही मोदी जी अच्छे संबंध रहे होंगे। तभी तो यह खबर आई है कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें 2018 मे राज्यपाल बना दिया जाएगा। जाहिर सी बात आखिर उन्होंने मोदी जी के लिए इतना काम जो किया है। EVM में गड़बड़ी कराकर उन्होंने इतने राज्यों मे सरकार बना दी।
EVM गड़बड़ी का सबसे बड़ा प्रयोग यूपी चुनाव में हुआ। जाति, धर्म, विविधताओं से भरे प्रदेश में एक पार्टी का इतनी ज्यादा सीट लेकर आना, संदेहजनक था। गडबडी होती जा रही है और भाजपा चुनाव जीती जा रही है। आम जनता इस बात को नहीं समझ पा रही है, क्योंकि मीडिया ने उन्हें बरगला रखा है। इस देश में लोकतंत्र खत्म सा हो चुका ? क्योंकि इस देश में एक सनकी, निरंकुश शासक राज कर रहा है। जो कभी GST के द्वारा जनता पर करों का बोझ डाल देता है।
तो कभी नोटबंदी करके मुद्रा के चाल चलन को ही गड़बड़ा देता है। जिसने सारी सार्वजनिक संस्थाओं को अपने कब्जे में ले रखा है। जिसमें चुनाव आयोग, मीडिया मुख्य रूप से हैं। जिसने अपने खिलाफ उठने वाली सभी आवाजों को दबा रखा है। जिसका प्रमुख उदाहरण है, जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाना। एेसा इसलिए किया गया क्योंकि पिछली UPA सरकार सत्ता से बेदखल होने में जंतर-मंतर पर हुए अन्ना आंदोलन (भ्रष्टाचार के लिए) और रामदेव आंदोलन (कालेधन के लिए) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वर्तमान सरकार को भी लग रहा था GST, नोटबंदी के लिए लोगों में जो खिलाफत का माहौल है, वो एक आंदोलन का रूप न लेले। इसलिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर रोक लगाई गई। देश के अंदर क्या हालात हैं इसे हमें गहराई से समझना होगा और अपनी आवाजों को किसी तरह के मंच से उठाना होगा।

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