सुप्रशिद्ध सट्टा किंग का पुत्र बना लकड़ कट्टा या लकडी माफिया

फफूंद, औरैया, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर महेंद्र वर्मा की रिपोर्ट, 26 दिसम्बर 2017। औरैया के फफूंद, कस्बे का अब शायद ही कोई अवैध कार्य है जो बाकी रहा हो, सट्टा, लकड़ी माफिया, जुआ, स्मेक सभी धन्धों में लिप्त। कोर्ट और सरकार के तमाम रोक के बावजूद फलदार और इमारती लकड़ी की कटान जोरो प्नर है। क्योंकि वन विभाग के कर्मचारी व पुलिस विभाग की मदद से ठेकेदार मनमानी ढंग से हरे पेड़ो की कटान जारी रखे है। एक ओर प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार वृक्षो के अंधा धुन्ध कटान को लेकर चिंतत दिखाई देती है। जिसके बदले सरकार प्रत्येक वर्ष करोड़ो रुपये खर्च कर करोड़ो की संख्या में वृक्षारोपण करवाती है। वही फफूंद थाना क्षेत्र में हरे पेड़ों को वन विभाग महकमा व थाना की पुलिस के मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा हरियाली पर आरे चलाया जा रहा हैं। इसके पीछे वन विभाग व पुलिस ने मोटी रकम ली है। सूत्र बताते हैं जिसके एवज में ये पेड़ काटने में मदद कर रहै हैं। प्रति पेड़ थाने पर कीमत का 30% रुपया कटान का जमा होता है। तब कटान चालू होती है। जिसमें 2000 रुपया वन विभाग भी लेकर उनके कार्य मे हमराही बन जाते है। जबकि मुख्यमंत्री से लेकर जिले तक सभी अधिकारी पेड़ो के अवैध कटान को लगाम लगाने की बात करते हैं, जो सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। ये लकड़ कट्टे शाम सात बजे के बाद ट्रैक्टरों पर लोड करा कर कस्बे के आस पास कभी भी देखे जा सकते हैं। पेड़ काटे जाने की बात जब रेंजर से की गयी तो उन्होंने बताया कि अवैध कटान मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।