सामाजिक संगठन से समाज मजबूत नहीं होता है-जसवन्त

अलीगढ़, एकलव्य मानव संदेश एडिटोरियल, 9 दिसम्बर 2017। सामाजिक संगठन से समाज मजबूत नहीं होता है। सामाजिक संगठन से कभी अधिकार नही मिलते हैं। अधिकार केवल राजनीतिक पार्टी से मिलते हैं।
कुछ स्वार्थी लोग अपने लाभ के लिये सामाजिक संगठन बनाते हैं।
सामाजिक संगठन अलग अलग जातियों के नामों से बनाने वाले समाज के सबसे बड़े दुश्मन होते हैं।
निषाद वंश को कमजोर करते हैं।
कोई बिंद की बात करता है।
कोई केवट की बात करता है।
कोई मल्लाह की बात करता है।
कोई कहार की बात करता है।
कोई बाथम की बात करता है।
कोई रायकवार की बात करता है।
कोई गोंड की बात करता है।
कोई कश्यप की बात करता है।
कोई तुरैहा की बात करता है।
कोई कीर की बात करता है।
कोई चंद्रवंशी कहार की बात करता है।
कोई खरबार की बात करता है।
कोई बेलदार की।
कोई मेहरा की।
कोई बाथम की।
कोई भोई की।
कोई किसी की कोई किसी की, कोई किसी की ? क्यों ?
अरे मुखों की औलादो क्यों इस समाज को अपने स्वार्थ के लिए गर्त में डाल रहे हो ?
राजनीति की पढ़ाई एकबार ठीक से डॉ संजय कुमार निषाद जी से पड़लो, समाज का कल्याण हो जाएगा।
किसी अन्यो को दोष मत दो, अपनी आदत को सुधार लो ।
कोई मशीहा नहीं आएगा, समाज का कल्याण करने।
आपकी हरकते सही हो जाये, तो समाज का कल्याण हो सकता है।
जागो।
संघे शक्ति युगे-युगे।
जय निषाद राज

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