व्यपारी को हिरासत में लेने से मण्डी में आया फिर से उबाल

औरैया, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर महेंद्र वर्मा की रिपोर्ट, 21 दिसम्बर 2017। मण्डी समिति के व्यापारियों एवं किसानों के धान की खरीद में हुए घोटाले का मामला अब थमता नजर नहीं आ रहा है। जहां बीते दिनों व्यापारियों ने हड़ताल की चेतावनी देकर अपनी अपनी दुकानें बंद कर दी थी। वहीं मौके पर पहुंचे एसपी के आश्वाशन के बाद व्यापारी फिर से काम पर लौट आये थे। इसी बीच एसपी द्वारा मण्डी के बड़े व अच्छी शाख वाले आढतियों को पहले पूंछतांछ के लिए बुलाना और उसके बाद छोड़ देने पर मंगलवार को तो मण्डी की आढतें सकुशल चली।  लेकिन बुधवार को जैसे ही व्यापारियों को पता लगा कि उनके  ही बीच का एक बड़ा व्यापारी साजिश के तहत फिर से पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया है। इस पर व्यापारिायों में आक्रोश पनप उठा और उन्होंने मण्डी गेट का दरवाजा बंद करके जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इतना ही नहीं व्यापारी व मण्डी के अन्य लोग भी सड़क पर टाट फट्टी डालकर बैठ गये और जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उधर जब इस बात की जानकारी पुलिस अधीक्षक को लगी तो उन्होंने मण्डी पहुंचकर व्यापारियों से वार्ता की और प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों को समझाया बुझाया और कहा कि उनके प्रकरण की जांच चल रही है।
गौरतलब रहे कि कृषि उत्पादन मण्डी समिति में आढत किये दुकानदारों एवं काफी किसानों का रुपया जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह का मुनीम लेकर फरार हो गया है। जब इस बात की जानकारी आढतियों को लगी तो उन्होंने पहले बीते दिनों आये उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा का काफिला रोक कर एक ज्ञापन दिया था। ज्ञापन के बाद व्यापारियों ने मण्डी में हड़ताल की चेतावनी दे दी थी। इसी बीच मण्डी के एक व्यापारी व किसान के ऊपर कुछ अराजकतत्वों द्वारा हमला किया गया साथ ही जिला पंचायत अधयक्ष दीपू सिंह द्वारा मुनीम अजय तिवारी से कोई लेना देना न होने  की बात  करने पर व्यापारी आक्रोशित हो गये थे। सोमवार को मण्डी में व्यापारियों ने अपने अपने प्रतिष्ठान बंद कर हड़तराल शुरू कर दी थी। उसी दौरान पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस बल के साथ मण्डी पहुंचे थे और व्यापारियों से वार्ता कर हर एक बिंदु पर चर्चा की थी और आश्वाशन दिया था कि उनके हर प्रकरण की जांच की जायेगी। इसके बाद पुलिस ने जिला पंचायत अध्यक्ष के नजदीकी छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष मंजुल चौबे के अलावा मण्डी से जुड़े बड़े व्यापारी महावीर पहारिया को हिरासत में ले  लिया था। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिए जाने की कोई साफ बात नहीं कही थी मगर इतना जरूर कहा जा रहा था कि बड़े अधिकारियों के आदेश पर यह लोग हिरासत में लिए गये हैं। इसके बाद महावीर पहारिया को मंगलवार को छोड़ दिया गया था। मंगलवार को तो सकुशल मण्डी चली लेकिन  फिर से महावीर पहारिया के हिरासत में लेने  पर बुधवार को व्यापारी फिर से लामबंद हो गये।
बुधवार की सुबह 10 बजे के बाद मण्डी समिति के सभी आढतियों व स्टाफ मण्डी गेट पर इकट्ठा हो गये और हंगामा करने लगे। यही नहीं व्यापारियों ने महावीर पहारिया को साजिश के तहत फिर से कोतवाली पहुंचाने का आरोप लगाया। साथ ही यह भी कहा कि उन लोगों की आवाज दबाने के लिए वह यह काम जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह के सहारे पर हो रहा है। मण्डी गेट पर जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ  जमकर नारेबाजी भी हुई। व्यापारी जीतू पाठक के अलावा अन्य व्यापारियों ने उन्हें कुर्सी से  भी हटाने की मांग की। उधर व्यापारियों के मण्डी में हड़ताल की सूचना पर पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी  मण्डी समिति पहुंचे और व्यापारियों से वार्ता की और कहा कि उनके प्रकरण में जांच चल  रही है। उन्होंने यह भी कहा कि किसका कितना रुपया है वह व्यापारी अपना अपना ब्यौरा दे। इस मौके पर मण्डी गेट पर व्यापारी नेता और किसान मौजूद रहे।

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