देश की तरक्की में अज्ञानता और सामाजिक बुराईयां सबसे बड़ी बाधाएं हैं

सीतापुर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर 20 दिसम्बर 2017l देश की तरक्की में अज्ञानता और सामाजिक बुराईयां सबसे बड़ी बाधाएं हैं, इसलिए समाज को शिक्षा के रास्ते पर ले जाकर सामाजिक बुराईयों को खत्म किया जा सकता है। यह बात निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल के आवाह्न पर आयोजित सामाजिक जागरुकता गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए जनपद के बिसवां विकास खण्ड के अन्तर्गत बेनीपुर गॉव में लखनऊ मण्डल उपाध्यक्ष राजेश कश्यप ने कही । उन्होंने आगे कहा कि समाज में अज्ञानता होने की वजह से राजनीतिक चेतना भी शून्य है। जबकि आज के दौर में राजनीति देश व समाज के विकास की धुरी है।l राजनीति में स्वार्थी लोगों को आगमन से राजनीतिक वातावरण प्रदूषित हो गया है। जब तक गरीब , वंचित, अति पिछड़ा और अति दलित तबके के लोग राजनीतिक अध्याय नहीं सीखेंगे तब तक उनका कोई उद्धार नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि राजनीतक अचेतनता की वजह से मजलूमों पर जुल्म-ज्यादती की जा रही है, जिसकी बानगी अभी विगत दिनों जिला शामली के श्यामगढ़ी गॉव की कक्षा 12 की छात्रा सोनी कश्यप की आततायियों ने धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी थी। लेकिन अभी तक सोनी कश्यप को सामाजिक उपेक्षा के चलते न्याय नहीं मिल सका है। इसलिए यदि अपराधियों व उनके गुर्गों पर सूबे की हुकूमत के द्वारा कड़ी कार्यवाही नहीं की गई तो निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल के द्वारा शीघ्र ही धरना प्रर्दशन किया जायेगा। सुधीर कुमार धुरिया ने कहा कि जिस समाज में सच्चे नेता नहीं होते हैं, अमुक समाज पर अत्याचार ज्यादा होते हैं। क्योंकि नेता को यह मालूम होता है कि अत्याचार से लेकर आततायियों तक कैसे नष्ट किया जाय। इसलिए देश की सन्तुलित तरक्की के लिए हर समाज में नेता पैदा करने की प्रबल आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि सोनी कश्यप बड़ी होकर मूलवासी आन्दोलन चलाना चाहती थी। लेकिन मानवता के हत्यारों को यह पसन्द नहीं आया। इसलिए साहसी बालिका सोनी कश्यप की दर्दनाक हत्या कर दी। निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल यह मांग करता है कि सोनी कश्यप के हत्या में शामिल सभी अपराधियों को फांसी की सजा दी जाए।
      अन्त में सभी ने श्रंग्वेरपुरी महाराजगुहराज निषादराज की आरती कर सोनी कश्यप के परिजनों को इस दुख को सहन करने की कामना की और यह संकल्प लिया कि समाज को अज्ञानता व समाजिक कुरीतियों से निकालकर हर तरह से सुरक्षा प्रदान करने की कोशिश की जायेगी। गोष्ठी का आयोजन संजय निषाद ने किया।
       इस मौके पर राज कश्यप, शिवलाल कश्यप, सौरभ कुमार, मिश्रीलाल, रामप्रताप, किरन देवी अर्चना, कान्ती सहित अन्य मौजूद रहे।