एनसीएल मुख्यालय की सुरक्षा टीम ने किया झिंगुरदा क्षेत्र का निरीक्षण

सोनभद्र, एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो चीफ रामविलास निषाद की रिपोर्ट, 21 जनवरी 2018। उत्तर प्रदेश के जिला सोनभद्र के अनपरा से शक्तिनगर में बिजली पावर प्लांट की चिमनी से उड़ने वाले धुँए व कोयला धूल से राख के बांध एन, सी,एल, के ओ बी खदानों से उड़ने वाले मिट्टी के धूल से समूचा वायु मण्डल पर्यावरण प्रदूषण की चपेट में है पारा पी,एम, 4,5 के लगभग है।
            नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) में चल रहे वार्षिक सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत कंपनी के विभिन्न कोयला क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। बुधवार को एनसीएल मुख्यालय द्वारा गठित 12 सदस्यीय टीम ने झिंगुरदा क्षेत्र का निरीक्षण किया एवं खदान में उपलब्ध सुरक्षा (सेफ्टी) इंतजामों का जायजा लिया। निरीक्षण टीम ने झिंगुरदा खदान, कर्मशाला, कैंटीन, आउटसोर्सिंग कैंप, रात्रिकालीन समय में खदान में प्रकाश व्यवस्था सहित सुरक्षा से जुड़े अहम पहलुओं का व्यापक निरीक्षण किया। इस अवसर पर झिंगुरदा क्षेत्र के महाप्रबंधक श्री चितरंजन सिंह ने अपने वक्तव्य में झिंगुरदा खदान में शून्य क्षति लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उत्पादन कार्य हेतु कर्मियों को प्रेरित किया और कहा कि हमारी सुरक्षा व्यवस्था ऐसी हो कि दुर्घटना की संभवना न रहे।
         इस अवसर पर झिंगुरदा क्षेत्र के कर्मचारी श्री फागू लाल, श्री मोहम्मद इम्तियाज, श्री नूर मोहम्मद व श्री राम प्रसाद को सेफेस्ट कर्मियों के पुरस्कार के साथ कुल 24 कर्मचारियों व 3 संविदाकर्मियों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर आयोजित सुरक्षा पर निबंध, स्लोगन, पोस्टर प्रतियोगिता के साथ-साथ बच्चों द्वारा प्रदर्शित मॉडल का अवलोकन किया गया एवं विजेताओं को पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर एनसीएल मुख्यालय द्वारा गठित टीम के साथ झिंगुरदा क्षेत्र के परियोजना अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार, महाप्रबंधक (खान), सभी विभागाध्यक्ष, श्रमिक संघ प्रतिनिधि, झिंगुरदा क्षेत्र के सेफ्टी कमेटी के सदस्य समेत अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
      गौरतलब है कि झिंगुरदा खदान के निरीक्षण के दौरान सुरक्षा के मुद्दे पर हमेशा सजग एवं सतर्क रहने की शपथ ली गई। खान सुरक्षा सप्ताह के दौरान झिंगुरदा क्षेत्र की सेफ्टी टीम द्वारा सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाए जाने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
        क्षेत्रीय विधायक व जन प्रतिनिघि पक्ष विपक्ष के विभिन्न पार्टियो के नेता व जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण समूचा क्षेत्र अब रहने योग्य नही है। रिहंद जलाशय भी प्रदूषण की भेंट चढ़ गया है, जलाशय में सबसे ज्यादा पावर प्लांटों के केमिकल्स कोयला धूल, राख का धूल जलाशय भी प्रदूषित हो गया है शक्तिनगर से अनपरा तक कोयला  ट्रांसपोर्टिंग होने तक प्रदूषण से बुरा हाल है जिम्मेदार विभाग उत्तर प्रदेश प्रदूषण विभाग सोनभद्र के अधिकारी अपने दामन को दागदार बना लिए है इसलिए प्रदूषण पर नहीं हो रही है कार्यवाही।