म प्र की भाजपा सरकार ने मछुआ समाज को दिया धोखा

जबलपुर, एकलव्य मानव संदेश के लिए रेखा केवट की रिपोर्ट, 3 जनवरी 2018। म प्र की भाजपा सरकार ने मछुआ समाज को धोखा दिया है। भाजपा मछुआ प्रकोष्ठ व मछुआ बोर्ड के सदस्यों को अपने पदों से स्तीफा देकर नैतिक जिम्मेदारी लेना चाहिए।
म प्र की भाजपा सरकार ने अपने मंत्री मंडल की बैठक मे 12 दिसम्बर 17 को मछुआ समाज को राहत देने की बात कही थी। और सरकार के इस निर्णय पर मछुआ समाज में खुसी की लहर थी सभी एक दूसरे को बधाईया दे रहे थे। किन्तु बधाईया तब मातम मे बदल गई जब नव वर्ष के पहले ही दिन भाजपा सरकार ने यह आदेश जारी किया कि 11-11-05 के बाद माझी समाज अब जनजाति नही रहा। यह खबर आते ही समुचे प्रदेश में मछुआ समाज भाजपा सरकार को कोसकर मातम मना रहा है।
अब यह स्पस्ट हो गया हे की म प्र की भाजपा अपने चुनावी घोषणा पत्रों में मछुआ समाज से किये गये वादों से मुकर गई है। भाजपा सरकार मछुआ समाज को सिर्फ बेवकूफ ही समझती है। इसलिए मछुआ समाज के साथ हुए इस धोखे की नैतिक जिम्मेदारी  लेते हुए अब बीजेपी के मछुआ प्रकोष्ठ एवं मछुआ बोर्ड में शामिल समाज के राज्यमत्री का दर्जा प्राप्त मंत्रियो सहित सभी सदस्यों को अपनी नाकामी को स्वीकारते हुए अपने पदों से स्तीफा दे देना चाहिए। रही बात बीजेपी की तो मछुआ समाज को बेवकूफ समझकर धोखा देने का परिणाम आने वाले समय में मछुआ समाज उन्हें अवस्य ही देगा और इन्हें सबक सिखाऐगा।
मध्यप्रदेश समस्त माझी समाज को अपनी लड़ाई को मजबूत बनाने के लिए निषाद पार्टी का साथ देना चाहिए। जिससे भाजपा के साथ कांग्रेस को भी सबक सिखाया जा सके। क्योंकि दोनों ही पार्टीयों ने अब तक इस समाज को धोखा ही दिया है।