माझी की नाव डुबा दी मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने

जबलपुर, एकलव्य मानव संदेश के लिए निषाद पार्टी की महिला मोर्चा की मध्यप्रदेश अध्यक्षा रेखा केवट की रिपोर्ट, 6 जनवरी, 2018। माझी की नाव डुबा दी मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने। एक जनवरी को नव वर्ष के मौके पर भाजपा की शिवराज सिंह चौहान सरकार के कैबिनेट के फैसले ने निर्णय लिया है कि कहार, धीवर, भोई, मल्लाह, केवट, निषाद, को नहीं मिलेगा अनुसूचित जनजाती माझी का लाभ नहीं मिलेगा। जातियों को केवल 11 नवंबर 2005 से पहले बने प्रमाण पत्र वाले ही शिक्षा और नौकरियों में लाभ ले सकेंगे बाद वालों को अब माझी अनुसूचित जनजाति का लाभ नहीं मिलेगा।
माझी आरक्षण को एक सिरे से खत्म कर भाजपा ने ये सावित कर दिया है कि ये पार्टी इन जातियों को केवल वोट के समय तरह तरह के वायदे करके सत्ता प्राप्त करती हैं और बाद में उनको दूध में से मक्खी की तरह फ़ेंक देती हैं।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही इस समाज को ठगा है। कांग्रेस ने ही अपने लंबे शासन काल में चामर जाती की तरह इस जाति को पूरे देश में परिभाषित नहीं किया और बाद में भाजपा ने भी उसी की तरह अपनी सरकार आरक्षण का वायदा करके बनाई लेकिन अब तक कोई लाभ देने की जगह अब पूरा ही पत्ता साफ कर दिया है।
      मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के इस निर्णय से पूरे माझी समाज में जबरदस्त विरोध की लहर उत्पन्न होने लगी है और आने वाले समय में लगभग 1 करोड़ माझी नए विकल्प के रूप में निषाद पार्टी कोअपनाकर दोनों ही बड़ी पार्टीयों को सत्ता से बाहर करने में महती भूमिका निभाएंगे।