रैन बसेरे की हकीकत जानने के लिए पहुंची एकलव्य मानव संदेश की टीम

शिद्धार्थनागर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर प्रदीप कुमार निषाद के साथ रविंद्र कश्यप, 11 जनवरी 2018। सिद्धार्थनगर जिला अस्पताल में बने रैन बसेरे में एंबुलेंस 108 एंबुलेंस 102 के चालक चालक व परिचालक का बना है आशियाना और तीमदारों एवं गरीब लोगों को बाहर अलाव के सहारे काटने पड़ती है रातें एकलव्य मानव संदेश की टीम ने जब एंबुलेंस 108 102 के चालक से बात की तो वहां के चालक और एमटी पद पर कार्यत सत्यम सिंह ने बताया कि सीएमएस ने हमें रैन बसेरा दिया है और हमें रहने के लिए कहीं जगह भी नहीं है।
वहीं पर  जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर जो मरीज हैं उनके परिजन ने बताया कि अलाव के सहारे ऐसे ही पूरी रात काटनी पड़ेगी। जब पता किया गया कि रैन बसेरे में आप जाकर क्यों नहीं रह रहे हैं, तो उन्होंने बताया, जब हमको आदेश मिलेगा, तभी हम जाकर रैन बसेरे में रहेंगे।