समाजिक संगठन समाज के लिए जहर होते हैं

अलीगढ़, एकलव्य मानव संदेश ब्यूरो रिपोर्ट, 17 जनवरी 2018। साथियों जय निषाद राज ।।
हम सभी को अपने लक्ष्य पर ध्यान देना होगा। जो लोग निषाद पार्टी के विरोध में हैं, उनकी उम्र ढल चुकी है। जिनके जीवन की आधी पिक्चर फ्लाप हो चुकी हो, वो क्या पिक्चर को सुपर हिट करेंगे। इनके नकारेपन से थक हार कर आज नौजवानों ने अपने बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए अपने झंड़े को उठाया है। जो इन स्वार्थी, लालची विरोधियों को गुनाह नजर आ रहा है। क्योंकि आज इन नौजवानों ने इन विरोधियों की दुकान बंद कर दी है।
ये वही विरोधी हैं जो तमाम नेताओं के साथ मिलकर , संगठन बना कर, 5 साल बाद जिस पार्टी की तरफ नेता जाता है उस पार्टी को वोट दिलाने का काम करते हैं। ये सामाजिक संगठन व नेता के माध्यम से कभी सपा, कभी बसपा, कभी भाजपा व कभी कांग्रेस को वोट दिलवा कर अपने बेटे का भविष्य तो बनवा लेते हैं, किन्तु समाज के सभी नौजवानों के लिए कब्र खोद देते हैं।
जिस समाज की पार्टी को वोट होता है वो समाज मालामाल हो जाता है और मछुआ समाज बेरोजगार पर बेरोजगार हो जाता है।  हमारा समाज बेरोजगारी से मजबूर होकर अपने बेटे के पेट के लिए बाहर रोजगार के लिए चला जाता है। फिर  5 साल बाद चुनाव आता है तब इन संगठनों व नेताओं द्वारा फिर अपनी दुकान को चलाने के लिए और दुसरे समाज को राजा बनाने के लिए मछुआ समाज को फिर बाहर से बुलवाया कर फिर एक बार वोट डलवाने का काम किया जाता है।
इसीलिए याद रखिए
        " समाजिक संगठन समाज के लिए जहर होते हैं यदि वो सामाजिक संगठन राजनैतिक पार्टी नही बनाते हैं तब। "
हर पांच साल बाद चुनाव होता है। संगठन समाज को जाग्रित करता है, किन्तु पार्टी ना होने की वजह से यह समाज फिर संगठन व नेता के माध्यम से कभी सपा, बसपा, भाजपा व कांग्रेस को वोट देकर दूसरे समाज के बेटे को पुनः राजा बना देता है । यदि वो सामाजिक संगठन अपनी पार्टी बना लेता तो समाज का वोट अपनी पार्टी में जाता और सभी पार्टीयों की तरह वो भी मछुआ समाज का भला करता।
क्योंकि सत्ता से ही समाज का भला होता है। सत्ता वोट डालने से अति आती है। और वोट राजनीतिक पार्टी के लिये पड़ता है न कि किसी सामाजिक संगठन में।
    इसीलिए हर समाज के समाजिक संगठन की एक राजनैतिक पार्टी होती है।
दलित भाइयों का बामसेफ संगठन - बहुजन समाज पार्टी
यादव भाईयों का लोहिया संगठन - समाजवादी पार्टी
सवर्णो का RSS  संगठन - भाजपा
70 साल बाद पहली बार समाज के नौजवानो ने एक अलग राह पर चलते हुए राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद नामक सामाजिक संगठन बना कर, समाज को जाग्रित कर, अपने झंड़े को बुलंद कर, अपने वोट की सुरक्षा करते हुए अपने मछुआ समाज की अपनी पार्टी N.I.S.H.A.D Party बनाई है। आज समाज जाग्रित हुआ है। सभी पार्टीयो की तरह मछुआ समुदाय की पार्टी के भी दरवाजे पर टिकट की लाइन लगी। मछुआ समुदाय की पार्टी ने भी औरों की तरह प्रधान, जिलापंचायत, नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षद व विधायक बनाये हैं। आज इस संगठन व पार्टी की पिक्चर सुपर हिट हो रही है। 
कहा जाता  है -
"  जिस समाज का दल होता है , उस समाज का बल होता है ।
   जिस समाज का कोई दल नही, उस समाज के समस्याओं का कोई हल नही । "
आपका दल -
निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल ( N.I.S.H.A.D Party)
" जो समाज ताजा होता है , वो समाज राजा होता है । "
आज मछुआ समाज राजनीति में हलचल मचाते , अपना झंडा उठाते हुए ताजा हो रहा है। आज जंग व अत्याचार के मैदान में समाज अपनी लड़ाई खुद अपने झंड़े को उठाते हुए, मैदान में कूदकर लड़ने को तैयार बैठा है। सूचना पाते ही जिला मुख्यालय पर तत्काल घेराव व तात्कालिक निर्णायक फैसलों से समाजहित को सफल कर रहा है। सत्ता में नहीं है तो भी आज ताकत के साथ है। जिस दिन मछुआ समुदाय सत्ता में होगा, उस दिन अत्याचार तो दूर की बात होगी, अत्याचारी लोग खुद ही दहशत की जिंदगी जीना शुरू कर देंगे।
आओ निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल के सदस्य बनें। अपने और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य का निर्माण करें ।
    जब सत्ता की चाभी होगी आपके हाथ,
    तो आपके भी बच्चों का होगा भरपूर विकास ।
कोई जरूरी नहीं है, जो गलती हमारे दादाओं ने की, वही गलती आज की तारीख में हम भी करें। वे दुसरी पार्टी को वोट देकर गलत थे, तो आज हम यहाँ है। यदि हम भी उन्ही की तरह गलत हो जायें, तो हमारा भविष्य, हमारी पीढ़ी कहाँ जायेगी।
सोचकर एकबार जरूर देखें...
जय निषादराज
मो . 9120596326 , 9415261898
N.I.S.H.A.D Party जिंदाबाद ।।
निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल जिंदाबाद ।।
महामना मा डॉ संजय कुमार निषाद जिंदाबाद ।।