होली पर मिलावटी और नकली खोवा बनाने वाले हुए सक्रिय

फतेहपुर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर राजबहादुर निषाद की रिपोर्ट, 23 फरवरी 2018। फतेहपुर जनपद में होली के पर्व पर खोया और उससे निर्मित होने वाली मिठाइयों की खपत के चलते नकली और मिलावटी खोया के कारोबारी सक्रिय हो गए हैं। पर्व पर खोया की बिक्री में मिलावटी खोया की भरमार रहती है।
जिले में मवेशी पालकों के दुधारू पशुओं से ज्यादा कानपुर महानगर से खोया की खेप आती है। ऐसे में उपभोक्ता के सामने दिक्कत आती है कि वह शुद्ध खोया किस तरह से खरीदे। जानकारी के अभाव में मिलावटी खोया घरों तक पहुंच जाने से पूरे परिवार की सेहत खराब होने का खतरा मंडराया करता है।
उधर प्रशासन भी पर्व के चलते सक्रिय हो गया है। होली के पर्व में खोया का मिलावटी कारोबार दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। दुकानदार स्थानीय खोया की खरीद के साथ महानगरों के संपर्क में आ गए हैं। एक फोन में ¨क्वटलों खोया की खेप उपलब्ध हो जाएगी। जिले में ¨बदकी की खोया मंडी बड़ी मंडी के रूप में जानी जाती है। इसी तरह शहर के लाला बाजार, आइटीआइ रोड, सिविल लाइन, शांतीनगर, राधानगर, देवीगंज, नउवाबाग, वर्मा तिराहा, जीटी रोड, चौक आदि जगहों खुली दुकानों से उपभोक्ताओं को खोया मिलता है। इसी तरह खजुहा, अमौली, जहानाबाद की सप्ताह में लगने वाली दो दिनों की बाजारों में खोया की मंडी सज गई है। वहीं खागा, छिवलहा, अल्लीपुर, किशनपुर, धाता आदि क्षेत्रों में खोया की मंडी सज गई है।
मिलावटी खोया में हानिकारक तत्व सेहत को खराब करते हैं लेकिन चंद रुपयों के लालच में इस काम से परहेज नहीं किया जाता है। जानकार बताते हैं कि खोया में अरारोट, आलू, शकरकंद, स्टार्च, मैदा आदि की मिलावट कर बेचा जा रहा है। वहीं दूध में मिलावट किए जाने वाले तत्वों में डिटरजेंट, रिफाइंड, मिल्क पाउडर जैसे हानिकारक तत्वों से फैट युक्त दूध बनाया जा रहा है।
खोया व दूध जैसी खाद्य सामग्री खराब न हो उसके लिए हाइड्रो
पराक्साइड व फार्मलीन जैसे घातक रसायनिक पदार्थ डालते है जो शरीर के लिए बहुत ही घातक है।