डॉ संजय कुमार निषाद के सपा हाथ मिलाने पर सबाल करने वाले भाजपाई निषादों को मिला एक सामाजिक कार्यकर्ता का करारा जवाब

अलीगढ़, एकलव्य मानव संदेश सोशल मीडिया रिपोर्ट, 24 फरवरी 2018। भाजपा के दलालों का इस पर क्या कहना है ?
अगर जरा भी हिम्मत बची है तो पूछो योगी से, कि
क्या हुआ तेरा वादा ?
निषादों को आरक्षण दिलाने का वो इरादा!!
और अगर नहीं है हिम्मत, तो दलाली करते रहो।
अपने समाज का ही बेड़ागर्क करते रहो।
क्योंकि अपने समाज के दलाल जब तक,
समाज के हित कि नहीं, अपने हित कि सोचेंगे,
तब तक समाज का भला होने वाला नहीं।
और मैं अपने समाज के लोगों से कहना चाहूंगा
न तो भाजपा हमारी हितैषी है, न ही बसपा, सपा,
और न ही कांग्रेस। सबने हमारे समाज को लूटने का काम किया है और उनकी इस लूट में हमारे ही समाज के कुछ दलालों का हाथ रहा है।
इसलिए आप सभी किसी भी दलाल के बहकावें में न आयें। आप सबको पता नहीं ये दलाल चन्द पैसों के लालच में समाज को गुमराह करने के लिए भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। और रही बात सपा की, तो हम नहीं भूले अपने साथी अमर शहीद अखिलेश निषाद को। न ही उसके हत्यारों को। तो सवाल अब ये उठता है की हम उन हत्यारों के साथ क्यों हैं। तो मैं बताना चाहूंगा आप सभी को, कि उन हत्यारों से हम मिले इसलिए हैं, क्योंकि आज तक ऐसी कोई भी पार्टी नहीं है, जिसने हमारे समाज के लोगों को प्रताड़ित, शोषण और हत्या न किया हो। आज भी आप लोग जेलों में देखेंगे तो हमारे समाज के लोग सबसे ज्यादा मिलेंगे। जिन्हें हर सरकारों ने, किसी न किसी, फर्जी मुकदमें में फंसाकर जेल में बन्द करके रखा है। तो फिर हम किसी भी पार्टी को अपना हितैषी नहीं मान सकते।
दूसरी बात जो भाजपा के दलाल आज सवाल कर रहे हैं कि अमर शहीद अखिलेश निषाद के हत्यारों के साथ हाथ क्यों मिलाया। तो मैं उन दलालों से पूछना चाहता हूँ कि बहन फूलन देवी के बालात्कारियों और उनके हत्यारों के तलवे क्यों चाट रहे हैं, ये दलाल ?जवाब नहीं इनके पास। जवाब इसलिए नहीं है इनके पास, क्योंकि इन्हें समाज से नहीं अपने स्वार्थ से मतलब है। इसलिए ये दलाल समाज हितैषी नहीं, बल्कि उन नेताओं के हितैषी हैं, जिनकी ये दलाली करते हैं। तो इसलिए मैं आप लोगों से अनुरोध करूंगा कि आप लोग इन फर्जी निषादों से बचकर रहें। क्योंकि जब समाज के लिए लड़ने कि बारी आती है, तब ये दलाल कहीं नजर नहीं आते। ये दलाल नजर तब आते हैं, जब समाज जागरूक होकर किसी अच्छे दिशा में अपना कदम आगे बढ़ाता है। तब ये दलाल समाज का पैर पीछे खींचने के लिए आते हैं। तो इसलिए आप लोग इन दलालों से सावधान रहें। और अगर ये भाजपा के दलाल आपको सपा के नाम पर गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, कि डा.संजय निषाद जी सपा से क्यों हाथ मिलाये। 
     तो आप पूछिये इन दलालों से, कि ये दलाल आज क्यों उनकी दलाली कर रहे हैं, जो बहन फूलन देवी के बालात्कारियों और हत्यारों के साथ खड़ी है। 
      बस इसी सवाल को आप लोग पूछते रहें।
ये दलाल आपको कभी भी गुमराह नहीं कर पायेंगे।और जिस भाजपा के दलाल को लगता है कि डा.संजय निषाद जी ने सपा से हाथ मिलाकर गलत किया है,वो डा.संजय निषाद जी से सवाल पूछना चाहते हैं।
वो दलाल डा.संजय निषाद जी को छोड़े, मुझसे बात करें। मैं जवाब देने को तैयार हूँ, कि डा.साहब ने क्यों हाथ मिलाया सपा से और किस उद्देश्य के साथ हाथ मिलाया। सारा जवाब मैं देने को तैयार हूँ। अगर है हिम्मत तो काॅल कर सकते हो, भाजपा के दलालो, तुम्हारे हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है ये समाज एक छोटा सा सिपाही।

धर्मात्मा निषाद 
(समाजिक कार्यकर्ता)
8178448357, 9838386361
(व्हाट्सएप से साभार लिया गया)