निषाद समुदाय के संवैधानिक अधिकार के लिए निषाद पार्टी ने सोनभद्र में किया जोरदार प्रदर्शन

रावर्ट्सगंज (सोनभद्र ), एकलब्य मानव सन्देश ब्यूरो चीफ राम विलास निषाद की रिपोर्ट, 8 फरवरी 2018। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के राष्टीय अध्यक्ष डा. संजय निषाद आवाह्न पर प्रदेश व्यापी आंदोलन के तहत सोनभद्र जिला मुख्यालय पर 6 फरवरी मंगलवार को समाधान दिवस पर पार्टी कार्यकर्ताओ ने तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान संवैधानिक अधिकारों की मांग बुलंद की। जिलाध्यक्ष रोहित बिन्द ने कहा कि प्रदेश सरकार मछुआ समुदाय की सभी पर्यायवाची जातियों (केवट, मल्लाह, निषाद, बाथम, तुरहा, मांझी, बिंद, वियर,धीवर, गोड़िया, कश्यप, आदि) को संवैधानिक अधिकार दे। भाजपा सरकार की यह कैसी विडंबना है, उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 29 /03/2017 एवं सरकार द्वारा जारी  शासनादेश दिनाक 21/12/2016 व 22/12 /2017 की अनुपालन तहसीलो से मछुआ समुदायों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी नही किया जा रहा है। मछुआ समुदाय के लोगो का नाम उत्तर प्रदेश सरकार कार्मिक अनुभाग दिनांक 31/12/2016 को उत्तर प्रदेश लोक सेवा अनुसूचित जातिया/अनुसूचित जनजातिया और अन्य पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण अधिनियम संख्या 1994 की धारा के अधीन शक्ति का प्रयोग कर के राज्यपाल द्वारा उक्त अधिनियम की अनुसूची 1 में संशोधित कर सभी 17 जातियों को पिछड़ी जाति की अनुसूची से निकल दी गई। अधिनियम के अधीन पिछड़े वर्ग के स्थान पर उपरोक्त जातियां अनुसूचित जातियां समझी जाएंगी और समस्त अनुसूचित जाति का लाभ व सुविधा प्राप्त करने के हकदार होंगे का आदेश जारी है। बावजूद इस समुदाय को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है।
 प्रदर्शन के दौरान जिला महासचिव दीपक कुमार साहनी, चोपन नगर अध्यक्ष सन्तोष साहनी, हिमाचल साहनी, राजनरायन, मथुरा, जमुना, रमेश, किरण, दया निषाद,

आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।