जौनपुर जनपद में निषाद वंशीय आरक्षण को लागू कराने के लिए हुए तहसीलों में जबरदस्त प्रदर्शन, सौंपे ज्ञापन

जौनपुर, एकलव्य मानव संदेश चीफ ब्यूरो प्रदीप कुमार निषाद, दिलीप कुमार निषाद, जय सिंह निषाद की रिपोर्ट, 8 फरवरी 2018। मंगलवार 6 फरवरी को तहसील दिवस के अवसर पर जौनपुर जनपद की सभी तहसीलों पर निषाद पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और आरक्षण को लागू कराने के लिए ज्ञापन सौंपा।
सदर तहसील मिर्ज़ापुर में प्रदेशव्यापी तहसील दिवस तहसीलदार के समक्ष ज्ञापन देने की कड़ी में निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के नेतृत्व में संवैधानिक अधिकारों से वंचित मछुआ समुदाय के लोगों ने ज्ञापन दिया। भाजपा सरकार निषादों के आरक्षण का वादा पूरा नहीं कर रही है। बल्कि सरकार द्वारा जारी शासनादेश एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी तहसीलों में निषादों का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं किये जा रहे हैं। मछुआ समुदाय के लोगों का नाम ओबीसी की सूची से निकाल कर अनुसूचित जाति की सभी सुविधा देने का आदेश क्रमिक मंत्रालय से शासनादेश जारी है। माननीय उच्च न्यायालय हाई कोर्ट इलाहाबाद में स्टे भी खारिज कर दिया है।मछुआ समुदाय को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा है और ना ही सुविधा, जबकि 12- 01-2017 को सभी संबंधित विभागों को क्रमिक मंत्रालय से शासनादेश आ चुका है। फिर भी तहसील के कर्मचारी मछुआ समुदाय को गुमराह कर ओबीसी का प्रमाण पत्र बना रहे हैं। जो सरासर अनुचित है। यह संविधान एवं माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। 54 हजार करोड़ का बजट केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति के विकास के लिए पास
किया है, जिसके अंदर मछुआ समुदाय का भी हिस्सा है। 6-02- 2018 को प्रदेशव्यापी स्तर पर सभी तहसीलों पर ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई कि अगर तत्काल शासनाआदेश एवं माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं होता है तो उत्तर प्रदेश में होने वाली सरकारी नौकरियों से मछुआ समुदाय के लोग वंचित हो जाएंगे। मछुआ समुदाय एक मार्शल कौम है। जिसका गौरवशाली इतिहास रहा है। आर्यो, मुगलों अंग्रेजों से लड़कर देश को आजाद कराया है। आज सामाजिक बुराई एवं कुरीतियों में फंसा हुआ है। शिक्षा का अभाव होने के कारण अपने संवैधानिक अधिकार को नहीं जानता था। निषाद पार्टी के कैडर से मछुआ समुदाय के लोगों में जागृति से जानकार हुए। मछुआ समाज नाम से संविधान ककी सूची में सूचीबद्ध है। तहसील दिवस में जैसे अंबेडकर वादियों ने राजनीतिक हथियार से अपना हिस्सा लिया। वैसे ही निषाद वादी लोग राजनीतिक हथियार से अपना हिस्सा लेलेंगे। तहसील दिवस में प्रदेशव्यापी स्तर पर तहसीलों में ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी कि तत्काल दिनांक 21- 12-16 एवं 22-12-16 और 31-12-16 तथा 12 -1 -17 का शासनादेश एवं 29- 3 -17 के माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं हुआ तो यह मछुआ समुदाय तहसीलों के सामने ही उग्र प्रदर्शन एवं आमरण अनशन करने को मजबूर होंगे इसकी पूरी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी।जिसमें काफी संख्या में महिला-पुरुष नौ जवान शामिल हुए। इस अवसर पर राम चरित्र निषाद, इंद्रजीत निषाद, प्रदीप कुमार निषाद, डॉ जितेंद्र निषाद, लाल बहादुर निषाद, दयाराम यादव, जय प्रकाश निषाद, रामवृक्ष निषाद आदि उपस्थित हुए।
केराकत तहसील में भी ज्ञापन सौंपा गया।
मछली शहर तहसील में निषाद पार्टी के कार्य कर्ताओं ने आरक्षण के संदर्भ में उप जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें राज बहादुर बिंद जिला कोषाध्यक्ष, श्री जर्नादन बिन्द, वि.स. अध्यक्ष उमापति बिंद,  वि.स. अध्यक्ष श्री जय सिंह निषाद, विधान सभा अध्यक्ष मुं बादशाहपुर, शिवकुमारी महिला मोर्चा, लालती देवी, प्रकाश बिंद, सत्यप्रकाश नागर, छोटेलाल बिंद आदि लोग उपस्थित रहे।