पन्द्रह बनाम पिचासी की लड़ाई है गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव, जोरों पर है संयुक्त प्रत्यासी का चुनाव प्रचार

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्ट, 25 फरवरी 2018। गोरखपुर सदर लोकसभा क्षेत्र के लिए 11 मार्च को होने वाले चुनाव में संयुक्त महागठबंधन ( निषाद पार्टी, सपा, पीस पार्टी और बसपा समर्थित) के प्रत्याशी इंजी. प्रवीण कुमार निषाद को रिकॉर्ड मतों से जिताने के लिए पूरी ताकत से निषाद नेताओं पूरे लोकसभा क्षेत्र में जबरदस्त जनसंपर्क अभियान चलाया हुआ है। 24 फरवरी को अनेको टीमों ने अलग अलग बूथ पर बूथ जीतो अभियान के तहत सैकड़ो गांव में अलग अलग मोहल्लों में लोगों को उनके वोट की ताकत को समझाते हुए बताया कि अब तक आप धर्म के नाम पर, मंदिर के नाम पर वोट देते रहे हो। 8 बार से मंदिर वाले ही आपके वोट से जीत हासिल करते रहे हैं। लेकिन इनके द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए कोई योजना आज तक इस गोरखपुर सदर लोक सभा क्षेत्र में नहीं लायी गयी।
बाढ़, और मच्छरों से अभी तक मुक्ति के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आज इस लोकसभा क्षेत्र में बुखार औऱ बीमारी से सबसे ज्यादा बच्चे, नौजवान और बुजुर्ग की मौत गरीबों के घर में ही होती है। आपके आरक्षण को भी आपके चुने हुए अब तक के सांसदो ने ही नहीं लागू नहीं होने दिया। अब खुद प्रदेस के मुख्यमंत्री हैं फिर भी आरक्षण को रोके हुये हैं। हमने समाजवादी पार्टी से समझौता भी इसी कारण किया है कि उसने हमें आरक्षण दिया और भाजपा को इसलिए हराना जरूरी है कि इसने हमारा आरक्षण रोका है और ये पार्टी मजदूर, गरीब और किसान विरोधी है। 
आज बेरोजगारी सबसे ज्यादा बढ़ गई है और सरकार देस को बेचने और अपने चहेते लोगों को लूटने देने में सहयोग कर के देश बाहर भगा रही है। अमेरिका का प्रमुख टीवी चैनल सीएनएन ने अपने एक सर्वे में भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी भृष्ट पार्टी बताया है। अगर क्षेत्र के गरीबों का विकास करना है तो आपको इंजी. प्रवीण निषाद को साईकल के चुनाव निशान पर बटन दबाकर जितना होगा।
इस चुनाव प्रचार में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय कुमार निषाद, पूर्वमंत्री और सपा नेता रामभुआल निषाद, स्व. जमुना प्रसाद निषाद के सुपुत्र अमरेन्द्र निषाद, इंजी. प्रवीण निषाद, पूर्व विधानसभा प्रत्यासी मैनुद्दीन उर्फ चाँद भाई,
 
 
 
राष्ट्रीय महा सचिव रमेश केवट, राष्ट्रीय सचिव महेन्द्र सिंह निषाद, इंजी. देवेंद्र कश्यप, अर्जुन सिंह कश्यप, राजेश कुमार निषाद, बाबा बालक दास निषाद आदि पूरी ताकत से लगे हुए हैं।
सभी प्रचारक लोगों को बता रहे हैं कि गरीबों, शोषितों, पीड़ितों, दलीलों और मुसलमानों की एक जैसी समस्या है इसलिए 85 प्रतिशत के इस वर्ग को परिवर्तन के लिए वोट डालना होगा।