भाजपा में निषाद आरक्षण की बात करने वालों से मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी अब मिलने को भी नहीं देते हैं समय

अलीगढ़, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्ट, 22 फरवरी 2018। भाजपा में निषाद आरक्षण की बात करने वालों से मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी अब मिलने को भी नहीं देते हैं समय





। खुद मनोज कश्यप जो पिछला चुनाव शाहजहांपुर की जलालाबाद सीट से लढ़े थे पर भाजपा की भितरघात से हार गए।
मथुरा के कुंवर सिंह निषाद का भी यही हाल है। मथुरा सीट से पिछले चुनाव में टिकट के पक्के दावेदार थे। निषाद आरक्षण पर मुखर रहे। गोकुल वैराज के लिए मुआवजे के लिए मार खाई और जेल भी गए। युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री रहे, अध्यक्ष पद के प्रवल दावेदार थे। आज स्थिति क्या है सभी जानते हैं।
बाबूराम निषाद प्रदेश उपाध्यक्ष थे, अलीगढ़ नगर निगम चुनाव का प्रभारी बनाया गया, लेकिन दलित 20 प्रतिशत और 50 प्रतिशत की आवादी वाले शहर में बसपा का दलित मुस्लिम फॉर्मूला काम आया और 30 प्रतिशत हिंदू वोट इस बार पीछे राह गया। और चुनाव में हार मिली। साथ ही बाबूराम निषाद ने योगी जी से मिलकर आरक्षण पर भी बात की थी अब प्रदेश की नई भाजपा कार्यकारणी में जगह नहीं मिली है।
पिछली सपा सरकार ने मछुआ आवास को लोहिया आवास की रकम दी थी लेकिन योगी सरकार ने उसका नाम निषादराज आवास तो दिया लेकिन रकम इंदिरा आवास की यानी आधी कर दी थी और अब नए बजट में ये भी नहीं। गुह्यराज निषाद राज और महर्षि कश्यप जयन्ती की छुट्टी भी रद्द कर दी।
सपा सांसद फूलन देवी की हत्या अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय संसद सत्र के समय हुई थी। उनके हत्यारे ने अपना जुल्म भी कबूल किया था, लेकिन सज़ा फांसी की जगह अजीवन कारावास की हुई और आज की सरकार के मुख्यमंत्री उसे सार्वजनिक सम्मान दे रहे हैं।
भाजपा के दांत दिखाने के और खाने के और हैं ये चरितार्थ हो रहा है।