सरकारी बैंकों ने रचा इतिहास!

नोएडा, गौतमबुद्ध नगर, एकलव्य मानव संदेश के लिए दिनेश कुमार सहानी की रिपोर्ट, 20 फरवरी 2018। Rotomac कंपनी को पेन बनाने के लिए नहीं गेहूं इम्पोर्ट करने के नाम पर 3000 करोड़ लोन दिया। लेकिन कोई गेहूं इम्पोर्ट हुआ ही नहीं, बल्कि पैसा अपनी ही कंपनियों में घुमाकर गोल कर दिया।
सरकारी बैंक तो बहुत सख्त enquiry करके लोन देते थे?
ये हो क्या रहा है?

नीरव मोदी/मेहुल चौकसी से बड़े अपराधी वो सरकारी बैंक अधिकारी हैं, जिन्होंने आम लोगों के पैसे को कायदे कानून ताक पे रखकर घोटालेबाजों तक पहुंचाया और सरकारी बैंकों में आम जनता के गहरे विश्वास के साथ विश्वासघात किया।
पैसा तो आता जाता रहेगा, दोबारा विश्वास कैसे आएगा?