भाजपा मछुआ जाती के धर्म भीरु सोच का दोहन करने वाली शातीर पार्टी है

मुम्बई, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्ट, 3 फरवरी 2018। सामाजिक चिंतक एडवोकेट हरगोविंद मल्लाह का कहना है कि, अब जमाना निषादों का है। ब्राह्मण, ठाकुर, बनिया लंबे अरसे तक अपने संगठन सूझ बूझ और दूरदर्शिता से भारतीय समाज में शीर्ष पर रहे। इनके योगदान को भूलना रुग्ड सोच के शिवा कुछ नहीं हैं। उस दौर में पिछड़ी और दलित समाज में अशिक्षा और संगठन का आभाव उक्त जातियों के विकाश के लिए उर्वरा जमीन थोक के भाव में सहज ही उपलब्ध हुआ, जिसका कोई भी समाज फायदा उठा सकता था। जब हम सपा, बसपा के लिए लड़े, जूझे और अपना समझ कर संघर्ष किया तो बदले में ये आंदोलन सिर्फ चमारो और यादवो के हित में संलंग्न हो गए। जो सामाजिक न्याय के राह में सबसे बड़ा रोड़ा बनाकर उभरा। कांग्रेस तो निषाद समाज को सिर्फ लालीपाप देती रही। और भाजपा मछुवा जाती के धर्म भीरु सोच का दोहन करने वाली शातीर पार्टी है
    ऐसे में अपने निषाद और संपूर्ण मछुआ समाज का भला सिर्फ निर्बल इन्डियन शोषित हमारा आम दल ही करेगी। आप इसका सहयोग करें।
जय हिंद। जय निषाद राज।