गोरखपुर संसदीय सीट से बीजेपी प्रत्याशी उपेन्द्र दत्त शुक्ला को अभी तक नहीं मिला सीएम योगी का साथ

गोरखपुर एकलव्य मानव संदेश रिपोर्ट, 20 फरवरी 2018। गोरखपुर सदर लोकसभा उप चुनाव में
सीएम योगी आदित्यानाथ के विरोधी प्रत्याशी को टिकट देना बीजेपी के लिए कलह का कारण बनता जा रहा है। मंगलवार को गोरखपुर संसदीय सीट पर नामांकन करने पहुंचे बीजेपी प्रत्याशी उपेन्द्र दत्त शुक्ला को अभी तक सीएम योगी का साथ नहीं मिला है। 
सीएम योगी के अपनी ही सीट पर खुद ही बीजेपी प्रत्याशी का मनोबल बढ़ाने नहीं पहुंचने को लेकर राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गयी हैं।
इससे पहले 19 फरवरी को संयुक्त महागठबंधन के समाजवादी प्रत्याशी प्रवीन कुमार निषाद ने जब नामांकन पत्र दाखिल किया था तब गोरखपुर में जबरदस्त उत्साह का माहौल था। सूत्र बताते हैं कि योगी अपनी विरासत को बचाने के लिए इस सीट पर गोरखनाथ मंदिर के पुजारी को चुनाव लड़ना चाहते थे। लेकिन इस बार उनकी पसंद नहीं चली और आरएसएस के नेता को प्रत्याशी घोषित किया गया। और इसी नाराजगी के चलते योगी आदित्यनाथ अपनी पार्टी के प्रत्यासी के नामांकन में नहीं पहुँचे।
 सूत्र यह भी बताते हैं कि संयुक्त गठवन्धन के प्रत्यासी को गोरखपुर के 80 प्रतिशत मतदाताओं का साथ इस बार मिल सकता है। क्योंकि 28 साल से इस सीट पर मंदिर का कब्जा है और गोरखपुर की जनता की परेशानियों को कोई सहारा अब तक नहीं मिला है। केवल धर्म के सहारे जन समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है।