सीतापुर और हरदोई में भी सौंपे गए निषाद वंशीय आरक्षण को लागू कराने के लिए ज्ञापन

सीतापुर, एकलव्य मानव संदेश रिपोर्टर मोहन निषाद की रिपोर्ट, 8 फरवरी 2018। सीतापुर जनपद में निषाद पार्टी ने निषाद वंशीय जातियों के आरक्षण पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के 29 मार्च 2017 के आदेश को लागू करने के लिए 6 फरवरी को तहसीलदार को ज्ञापन दिये गये।
सदर तहसील के मोहन निषाद के नेतृत्व में ज्ञापन दिया गया।
मिश्रिख, सिधौली, विसवा, सण्डीला, हरदोई में आरक्षण मछुआरों का संवैधानिक अधिकार है इसको पाने के लिये  इसमें किसी को भी बाधा नहीं बनना चाहिए वरना उसकी खैर नहीं l
   यह बात सीतापुर (निषाद पार्टी) महासचिव रमेश कश्यप ने कही। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी सदैव गरीबों, मजदूरों, महिलाओं के अधिकारों को दिलाने लिए लगातार संघर्ष कर रही है, इसलिए मछुआरों को भी उनका संवैधानिक हक दिलाने के लिए तब तक संघर्ष करती रहेगी, जब तक उन्हें वाजिब हक मिल नहीं जाता।
रेल रोको आन्दोलन के दरम्यान गोरखपुर के तत्कालीन सांसद आदित्यनाथ योगी ने मछुआरों की लड़ाई लड़ने की बात खुद कही थी, मगर आज जब वह यूपी के मुख्यमन्त्री हैं, तो अपना वादा भूल गये हैं, वरना सम्बन्धित अधिकारियों को मछुआरों के न्यायोचित मांग को लागू करने के लिए अविलम्ब निर्देशित करें। नहीं तो निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल के सब्र का बांध टूट जायेगा।
सीतापुर युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष राजू कश्यप ने कहा कि सेंसस ऑफ इण्डिया1961 के मैनुअल पार्ट (1) फॉर उत्तर प्रदेश के क्रमांक 24 पर चमार की उपजाति मोची, रैदास को चमार के नाम से, क्रमांक 30 पर धोबी की उपजाति बरेठा, रजक व कनौजिया को धोबी के नाम से अनुसुचित जाति का प्रमाण पत्र जारी होता है, ठीक वैसे ही उसी सेंसस में क्रमांक 51 पर अंकित मंझवार की उपजातियों केवट, मल्लाह, मांझी आदि को मंझवार की उपजातियों को मंझवार के नाम से अनुसुचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करें। अब निषाद समाज जाग चुका है तो उसके हक-हुकूक पर कोई डाका नहीं पायेगा तथा यह मांग हमारी संवैधानिक है। निषाद पार्टी दुख की घड़ी में सबसे साथ खड़ी है। पार्टी के इसी ध्येय वाक्य को साकार करने के लिए मछुआरों के इस दुख की घड़ी में उनके साथ भी खड़ी है।
        इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने अलग अलग तहसीलो पर जोरदार घरना-प्रर्दशन कर सबका ध्याना अपनी पार्टी की तरफ खीचा। लोग पार्टी की ताकत को देखकर कहने लगे ये लोग भी अपना हक अधिकार लेलेंगे। इस मौके पर राजेश कश्यप, रमेश कश्यप, राजू कश्यप, शिवपाल, शिवलाल, सुधीर, मोहन, श्री राम, रामलखन, बैजनाथ, निर्मल, प्रभूदयाल, रामेश्वर, कमलेश, पंकज कश्यप सहित अन्य मौजूद रहे l