भाजपा की केंद्र सरकार 2 बार निषाद वंशीय 17 जातियों के आरक्षण प्रस्ताव को ना मंजूर कर चुकी हैं

सीतापुर, एकलव्य मानव संदेश के लिये ईं. अशोक कुमार सहानी का लेख, 1 मार्च 2018। सपा सरकार ने 17 अतिपिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए संस्तुति हेतु केंद्र की भाजपा सरकार को दो बार भेजा था। लेकिन केंद्र में भाजपा सरकार  के सामाजिक अधिकारिता न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत ने दोनों ही बार प्रस्ताव को तत्कालीन सपा सरकार को वापस भेज दिया।
मझवार (जो कि अनुसूचित जाति में शामिल है) की पर्यायवाची जातियाँ केवट, मल्लाह, माझी, राजगोंड, गोंडमझवार को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए कई सामाजिक- राजनैतिक संगठनो द्वारा लगातार धरना-प्रदर्शन, आंदोलन एवं ज्ञापन के माध्यम से ध्यान आकर्षित किया जाता रहा है, लेकिन आज तक केंद्र एवं राज्य की किसी भी सरकार ने विकास की मुख्य धारा से कोसो दूर इन जातियो के सामाजिक हक़ और अधिकारो की तरफ ध्यान नहीं दिया गया।

 
 
 
 
 

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