भाजपा गोरखपुर में 5 लाख वोटों से हार की ओर-हरगोविंद

गोरखपुर, एकलव्य मानव संदेश सोशल मीडिया रिपोर्ट, 3 मार्च 2018। उपेंद्र दत्त शुक्ल को टिकट देकर बीजेपी ने सिर्फ योगी जी को चिढ़ाने का काम किया है। रामभुवाल निषाद का निर्वाचन जब शून्य हुवा था तो कौड़ीराम विधान सभा में बीजेपी प्रत्याशी शीतल पांडेय के खिलाफ उपेंद्र दत्त शुक्ल जी निर्दल ही मैदान में कूद गए थे। शीतल पांडेय के लिए योगी जी ने गली गली नुक्कड़ सभा की थी लेकिन अपने प्रत्यासी को जिता नहीं पाए। 18 हजार वोट उपेंद्र शुक्ल काटकर बीजेपी की हार के कारण बने थे। सपा के रामभुवाल निषाद कुछ वोट से जितने में कामयाब हुवे थे।
उपेंद्र दत्त शुक्ल जी कभी बीजेपी के प्रतिबद्ध कार्यकर्त्ता नहीं रहे। समय समय पर योगी जी के लिए परोछ रूप से, हर चुनाव में योगी जी की हार के लिए प्रयाश करने वाले समूह के प्रेरक की भूमिका में ही दिखाई दिए हैं। इसलिए इस चुनाव में हिन्दू युवा वाहिनी कहीं दिख नहीं रही है। क्योंकि इस वाहिनी के लोग उपेंद्र दत्त शुक्ल की नस-नस से वाकिफ हैं। इस वाहिनी की चुप्पी परिवर्तन का उद्घोष है।
मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र है। लेकिन योगी नहीं।मंदिर का कोई आदमी नहीं। योगी जी को माइनस कीजिये तो उपेंद्र जी हारेंगे 5 लाख मतों से।
(हरगोविंद मल्लाह की फेस बुक वाल से साभार लिया गया)